टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह
18 जून 2026 को टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के कालपीर पंचायत अंतर्गत पिपरा गांव वार्ड संख्या-02 के गरीब भूमिहीन संथाल आदिवासी परिवार आज भी वासभूमि के अधिकार से वंचित हैं। वर्षों से अपने आवासीय भूमि के बंदोबस्ती एवं वासगीत पर्चा की मांग कर रहे इन परिवारों ने गुरुवार को आयोजित सहयोग शिविर सह जन कल्याणकारी योजना शिविर में अंचल अधिकारी को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
ग्रामीणों ने बताया कि वे लोग पिछले लगभग 40 वर्षों से उक्त भूमि पर घर बनाकर रह रहे हैं। गांव में करीब 20 परिवार निवास करते हैं, लेकिन अब तक किसी के नाम से वासभूमि का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र अथवा वासगीत पर्चा निर्गत नहीं किया गया है। इस कारण उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को आवेदन देकर शीघ्र भूमि की जांच कर वासगीत पर्चा जारी करने की मांग की। आवेदन प्राप्त करते हुए अंचल अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की जल्द जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा पात्र लाभुकों को वासभूमि संबंधी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों के इस आश्वासन से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि वर्षों पुरानी उनकी समस्या का समाधान हो सकेगा। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी कई बार संबंधित विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि भूमिहीन परिवार होने के कारण वे लोग लंबे समय से सरकारी मान्यता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।ग्रामीणों ने गांव की मूलभूत सुविधाओं की समस्या भी उठाई।
उनका कहना है कि आदिवासी बहुल इस बस्ती में आज तक सरकार की नल-जल योजना का लाभ नहीं पहुंचा है। न तो जलमीनार (टंकी) का निर्माण किया गया है और न ही पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके कारण ग्रामीण आज भी आयरनयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहती हैं।
ग्रामीणों ने नल-जल योजना की जांच कर शीघ्र पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की।
सहयोग शिविर में आवेदन प्राप्ति की प्रक्रिया में आफताब आलम मौजूद रहे। इस अवसर पर समाजसेवी विश्वनाथ टुडू, दुर्गा मुर्मू, मंगल मरांडी, राम टुडू, सरकार सोरेन, सुनीता हेम्ब्रम, अनिता मरांडी, पूजा हांसदा, पार्वती मुर्मू सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वासभूमि बंदोबस्ती, वासगीत पर्चा निर्गत करने तथा पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर उनके लंबे समय से चले आ रहे अधिकारों और समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाय।


























