किशनगंज/टेढ़ागाछ/विजय कुमार साह
देश को आजाद हुए 79 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत कालपीर पंचायत के काशीबाड़ी गांव में विकास की तस्वीर आज भी अधूरी नजर आती है।टेढ़ागाछ एवं दिघलबैंक प्रखंड से जुड़े इस बड़े गांव की सबसे बड़ी समस्या काशीबाड़ी वार्ड संख्या-5 से बीबीगंज बाजार तक जाने वाली सड़क का निर्माण नहीं होना है।करीब पांच हजार की आबादी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस मार्ग पर निर्भर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापार के लिए यह सड़क ग्रामीणों की जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन वर्षों से कच्ची और जर्जर हालत में रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बरसात के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव में तब्दील हो जाती है। इससे स्कूली बच्चों का विद्यालय जाना कठिन हो जाता है, वहीं मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भी गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक ले जाने में अतिरिक्त खर्च और जोखिम उठाना पड़ता है। कई बार गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं गंभीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता मो. आजम आलम ने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समग्र विकास की आधारशिला होती है। उन्होंने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं राज्य सरकार से काशीबाड़ी-बीबीगंज सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कराने की मांग की, ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके और गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने को भी विवश होंगे।



























