दिघलबैंक प्रखंड को मिला राजकीय डिग्री महाविद्यालय, 01 जुलाई 2026 से शुरू होगा शैक्षणिक सत्र, नामांकन जारी

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रणविजय /पौआखाली

जिले के दिघलबैंक प्रखंड के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है. दिघलबैंक में राजकीय डिग्री महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है, जिसका शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा. फिलहाल महाविद्यालय की कक्षाओं का संचालन संस्थान प्लस टू उच्च विद्यालय, तुलसिया में किया जाएगा तथा नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक कट ऑफ लिस्ट के हिसाब से छात्र-छात्राओं का नामांकन लिया जा रहा है जो 30 जून तक चलेगा. यहां तीनों संकाय के साथ ही उर्दू मैथिली भाषाओं की भी पढ़ाई चालू होगी. महाविद्यालय भवन के आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण कार्य स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन विभाग के द्वारा किया जा रहा है जिसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा. नए डिग्री महाविद्यालय में कुल 44 पदों का सृजन किया जाएगा.

इनमें 32 शिक्षक वर्ग तथा 12 शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पद शामिल हैं. महाविद्यालय में हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, गृह विज्ञान, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, वाणिज्य एवं पर्यावरण विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी. सरकार का उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख न करना पड़े।

इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण परिवारों के छात्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है. ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि डिग्री कॉलेज की स्थापना से उच्च शिक्षा का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा.

उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से उन छात्रों को राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था. स्थानीय लोगों का मानना है कि दिघलबैंक में डिग्री कॉलेज की स्थापना से न केवल शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी. वहीं दिघलबैंक वासियों ने इस महती पहल के लिए विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल का आभार जताया है.

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