संवाददाता/बहादुरगंज
किशनगंज में पूर्व विधायक तौसीफ आलम लगातार जिले में संचालित ईट भट्टो के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे है। इसी क्रम में गुरुवार को बहादुरगंज प्रखंड कार्यालय में तौसीफ आलम ने अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ धरना दिया।धरना प्रदर्शन के दौरान तौसीफ आलम ने मौजूदा सरकार सहित प्रशासन पर जमकर का निशाना साधा है। तौसीफ आलम ने जिले में ईट के दामों को कम करने को प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन सौंप कर कारवाई की मांग की है।
इस दौरान पूर्व विधायक ने कहा कि जिले में 2020 के बाद ईट के कीमतों में भारी इजाफा हुआ हैं। आवास योजना के तहत जो पैसा गरीबों को मिलता है उसमें महज 5700 रुपए ईट का कीमत दिखाया जाता है जबकि उन लोगों को ईट का दाम 11 से 12 हजार तक देकर खरीदना पड़ता है। अगर आम आदमी कोई एक ट्रैक्टर मिट्टी काटे तो खनन विभाग उस पर कार्रवाई करती है, वही ईट भट्ठों को इतना ज्यादा मिट्टी कहां से मिलता है। इसपर खनन का मिली भगत नहीं तो क्या है। उन्होंने कहा कि बंगाल सीमा के नजदीक स्थित ईट भट्टो में दाम कम है जबकि बहादुरगंज सहित अन्य प्रखंडों में बेतहाशा दाम वसूला जाता है
उन्होंने आगे कहा कि, बहादुरगंज नगर पंचायत में दर्जनों ईट भट्ठे खुले है इसका परमिशन कैसे मिला है। वही आगे उन्होंने बिजली विभाग पर भी जमकर हमला बोला है, उन्होंने कहा कि, बिजली विभाग थोड़ी सी बिजली पानी में घंटे तक बिजली काट देती है। और यहां के विधायक और सांसद इसपर कुछ भी नहीं कर रहे है। इन तमाम मांगों को लेकर मैने प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा है।मालूम हो कि तौसीफ आलम लगातार ईट के दाम को लेकर सवाल उठा रहे है जिसमें उन्हें जनसमर्थन भी मिल रहा है वही विरोधी इसे चुनावी रणनीति बता रहे हैं।



























