किशनगंज: उदयीमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ चैती छठ हुआ संपन्न

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जिले भर में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ छठ महापर्व

किशनगंज /विजय कुमार साह

टेढ़ागाछ चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का शुक्रवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ शुक्रवार को समापन हो गया। छठ व्रतियों ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद दुर्गा मंदिर फुलवड़िया में विभिन्न देवी देवताओं की पूजा अर्चना की l उसके पाश्चात व्रतियों ने का चार दिनों के उपवास का समापन पारण किया ।

टेढागाछ प्रखंड क्षेत्र के फुलवड़िया दुर्गा मंदिर प्रांगण में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ के चौथे दिन महिला एवं अन्य श्रद्धालुओं ने उदीयमान सूर्य को अर्ध्य दिया l यह महापर्व टेढ़ागाछ प्रखंड में विशेष रूप से फुलवड़िया बाजार में किया जाता है ।छठ व्रत करने वाले चंदेश्वर प्रसाद साह ने बताया कि फुलवड़िया बाजार के निकट रतवा नदी का पानी चैत्र में सुख जाता है जिसके कारण हम सभी छठ व्रतियों एवं मंदिर कमेटी के सहयोग से दुर्गा मंदिर प्रांगण में ही पवित्र पर्व सदियों से मनाते आ रहे हैं। छठ पर्व वर्ष में दो बार किया जाता है एक कार्तिक महीने में एवं दूसरा चैत महीने में ।

यह महापर्व संतान की प्राप्ती एवं लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए मनाया जाता है। व्रति महिलाएं अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ सूर्य देवता की उपासना करती हैं। इस अवसर पर टेढ़ागाछ प्रखंड के फुलवड़िया दुर्गा मंदिर पर पूजा-अर्चना किया गया।


छठ महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय के साथ यह पर्व शुरू हुआ था। दूसरे दिन, व्रति महिलाएं दिनभर उपवासी रहकर रात को ‘खरना’ करती हैं, जिसमें गुड़ और चिउड़े का प्रसाद तैयार किया जाता है। इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह संतान सुख की प्राप्ति का प्रतीक है। तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देने का खास महत्व है। महिलाएं विशेष रूप से सूर्य के अस्त होने के समय नदी या तालाब के किनारे एकत्र होती हैं और सूर्य देवता को अर्ध्य अर्पित करती हैं। चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह पर्व संपन्न हुआ ।

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