अधिक मूल्य पर उर्वरक ब्रिकी करने के दोषी विक्रेताओं एवं पदाधिकारियों के विरूद्ध कठोर कारवाई की जायेगी
कृषि मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
किशनगंज /प्रतिनिधि
शुक्रवार को डा. कलाम कृषि महाविद्यालय में कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने पूर्णिया प्रमंडल के चार जिलों पूर्णिया, कटिहार, अररिया एवं
किशनगंज जिले में कृषि विभाग द्वारा क्रियान्वित कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कृषि विभाग के निदेशक डा. आलोक रंजन घोष, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. डी. आर. सिंह, कृषि निदेशालय के संयुक्त निदेशक उपादान, अभियंत्रण के संयुक्त निदेशक, पूर्णिया प्रमंडल के संयुक्त कृषि निदेशक के साथ-साथ चारों जिलों के जिला कृषि पदाधिकारी, उद्यान पदाधिकारी, पौधा संरक्षण के पदाधिकारी, कृषि यांत्रिकरण के पदाधिकारी सहित जिला एवं अनुमंडल स्तर के कृषि पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
भ्रमण के अवसर पर किशनगंज में चाय की खेती प्रारंभ करने वाले प्रसिद्ध उद्योगपति व बिहार टी प्लांटेसन के अध्यक्ष डॉ. राजकरण दफ्तरी ने मंत्री को विस्तार से जानकारी दी तथा मंत्री के पहल के लिए आभार व्यक्त किये।समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि एवं किसानों का विकास सरकार
की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के किसानों को समय पर खेती हेतु आवश्यक सभी उपादान जैसे बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र आदि हर हाल में उपलब्ध कराया जाय। यह ध्यान रखा जाय कि किसानों को खेती में कोई परेशानी नहीं होने पाये किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता हर हाल में
सुनिश्चित कराने की जबाबदेही कृषि विभाग के पदाधिकारियों की है। अधिक मूल्य पर उर्वरक ब्रिकी करने के दोषी विक्रेताओं एवं पदाधिकारियों के
विरूद्ध कठोर कारवाई की जायेगी। मंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिला में फसलों की प्रकृति एवं उस जिले की उपयुक्तता के आधार पर फसलों को प्रोत्साहित किया जाय एवं वहां के किसानों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाय। जैसे किसी जिले में अगर चाय की खेती होती है तो उसे प्रोत्साहित किया जाय। अनानस, ड्रेगन फ्रूट, मखाना, मशरूम आदि फसलों की खेती को प्रोत्साहित
किया जाय एवं उपर्युक्त सभी के लिए किसानों को आवश्यक सभी सुविधायें उपलब्ध करायी जाय। उपर्युक्त आधुनिक फसलों की खेती में उपयोग होने वालेआधुनिक कृषि यंत्रों पर भी अनुदान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। मंत्री ने कहा कि छोटे एवं गरीब किसानों का विकास हमारी प्राथमिकता है तथा
किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना विभागीय पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। राज्य के गरीब एवं अतिपिछड़े, दलित, महादलित एवं अनुसूचित जनजाति आदिवासी किसानों की आर्थिक स्थित को देखते हुये उनके विकास के लिए
कृषि विभाग की कृषि यांत्रिकरण योजना, सूक्ष्म सिंचाई योजना एवं अन्य योजनाओं में सामान्य की अपेक्षा अधिक अनुदान का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने कहा कि नये किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाय किसानों को सहयोग न करने एवं उन्हें परेशान करने वाले पदाधिकारियों के विरूद्ध भी
कठोर कारवाई की जायेगी। मंत्री ने विभागीय समीक्षा बैठक से पहले चाय उत्पादन क्षेत्र का भ्रमण भी किया तथा चाय बगानों में जाकर किसानों से मिले एवं उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा चाय की खेती में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों /
उपकरणों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली तथा विभागीय अधिकारियों को चाय की खेती के लिए आवश्यक कृषि यंत्रों पर अनुदान की व्यवस्था करने कानिर्देश दिया। इसके बाद मंत्री विभागीय अधिकारियों के साथ चाय प्रसंस्करण ईकाई का भ्रमण किया तथा विस्तार से जानकारी प्राप्त की।इस दौरान उनके साथ राजकरण दफ्तरी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।