- कोरोना की दूसरी लहर में प्रतिदिन नये संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है।
- संक्रमण की रोकथाम के लिए कॉनटैक्ट ट्रेसिंग जरूरी, खुद की गतिविधि पर रखें नजर
- कॉनटैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया में स्वयं भी हिस्सा ले संक्रमण के प्रसार की रोकथाम करें
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कॉनटैक्ट ट्रेसिंग विषय पर आवश्यक जानकारी को साझा किया
- जिले में कोरोना के कुल 368 एक्टिव मामले
किशनगंज /प्रतिनिधि
कोरोना की दूसरी लहर में प्रतिदिन नये संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसका एकमात्र कारण लोगों द्वारा कोविड- 19 नियमों का कड़ाई से पालन नहीं किया जाना है। इससे पहले कोरोना काल में लोगों द्वारा कोविड- 19 के नियमों का कठोरता से पालन किये जाने से कोरोना के मामले जिले में नहीं के बराबर थे। किन्तु इस बीच कोविड- 19 नियमों के पालन में बरती गई लापरवाही का ही परिणाम है कि जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों संख्या बढ़ती जा रही है, जो चिंता का विषय है।कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर के कारण संक्रमितों की संख्या में जहां एक ओर इजाफा हुआ है वहीं इस संक्रमण ने कई जीवन को लील भी किया है. संक्रमण प्रसार के ऐसे समय में सुरक्षा के विभिन्न पैमानों को सख्ती से अपनाना महत्वपूर्ण है. वहीं वर्तमान समय में संक्रमण के प्रसार को समझने और इसकी रोकथाम के लिए कॉनटैक्ट ट्रेसिंग को भी समझना जरूरी है. चूंकि कोविड 19 संक्रमण का फैलाव एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक होता है, इसलिए संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों पर नजर रखना जरूरी होता है. विशेषकर संक्रमितों के संपर्क में आये अधिक जोखिम वाले समूह जैसे ह्रदय रोग, मधुमेह तथा अन्य गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं व शिशुओं आदि लोगों की ट्रेसिंग बहुत जरूरी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कॉनटैक्ट ट्रेसिंग को बताया महत्वपूर्ण:
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कॉनटैक्ट ट्रेसिंग के विषय में जानकारी साझा करते हुए बताया है कि संक्रमितों की पहचान करने और संक्रमण के प्रसार की कड़ी को तोड़ने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया कॉनटैक्ट ट्रेसिंग है. इस प्रक्रिया के तहत वैसे लोगों की पहचान और इलाज का प्रबंधन करना है जो संक्रमित के संपर्क में आये हों या ऐसे लक्षण वाले लोगों से मिलने की संभावना रही हो. कॉनटैक्ट ट्रेसिंग में कोविड संक्रमित लोगों के संपर्क में आने का अंदेशा के बाद व्यक्ति को दो दिन से 14 दिन तक आइसोलेट कर उनमें संक्रमण के लक्षणों पर नजर रखा जाता है. कॉनटैक्ट ट्रेसिंग के दौरान ऐसे लोगों को अपनी गतिविधियों को ट्रेक करने के लिए भी कहा जाता है जिसके अंतगर्त उनके विभिन्न स्थानों पर जाने और मिलने वाले लोगों पर भी खुद नजर रखने के लिए कहा जाता है.
कौन होता है कॉनटैक्ट:
कॉनटैक्ट की परिभाषा में वह लोग शामिल होते है जो संक्रमित के सीधे संपर्क में आये हों या ऐसे लक्षण वाले व्यक्ति से 1 मीटर के दायरे में कम से कम 15 मिनट समय गुजारा हो. कॉनटैक्ट ट्रेसिंग से संक्रमण की चेन को तोड़ने में मदद मिलती है. संक्रमण की रोकथाम के लिए यह एक आवश्यक उपाय है.
यदि आप संभावित कॉनटैक्ट है तो क्या करें:
यदि आप संभावित कॉनटैक्ट हैं तो पहले फोन के माध्यम से अपने क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों को इसकी सूचना दें. यदि आप कंफर्म कॉनटैक्ट हैं यानी आप संक्रमित के संपर्क में निश्चित रूप से आये हैं तो आप को क्वारेंटाइन में रहने की जरूरत है. इसका मतलब आप 14 दिनों तक यानि लक्षण दिखने तक सबसे अलग रहें. इस दौरान अपने स्वास्थ्य और बीमारी के लक्षणों पर नजर रखेंगे. कॉनटैक्ट ट्रेसिंग में हिस्सा लेकर आप संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे होते हैं. इसकी मदद से वैसे लोग जो संक्रमण के प्रति अधिक चपेट में आने की संभावना हो उनका बचाव होता है. यह समुदाय के प्रति आपकी एकजुटता और गंभीरता का परिचायक है.
जिले में कोरोना के कुल 368 एक्टिव मामले
सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया की जिले में फिलहाल कोरोना संक्रमण के 368 एक्टिव मामले हैं| जिसमे से 18 व्यक्ति कोविड केयर सेंटर महेश्बथ्ना में इलाजरत है तथा शेष 350 व्यक्ति होम क्वारंटाइन है , वही बीते 24 घंटे के दौरान जिले में कोरोना संक्रमण के 22 नये मामले सामने आये हैं| 24 लोग कोरोना से स्वस्थ भी हुए है , फिलहाल जिले में कुल 22 एक्टिव कंटेनमेंट जोन सक्रिय हैं|जहा किशनगंज शहरी छेत्र में 13, बहादुरगंज में 02, किशनगंज ग्रामीण 02, पोठिया 01, कोचाधामन 01, ठाकुरगंज 02 माइक्रो कंटेनमेंट जोन सक्रिय है | अब तक कुल 3.81 लाख लोगों की कोरोना जांच हो सकी है| इसमें 4909 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है तो 4522 लोग संक्रमण से जुड़ी चुनौती को मात देकर पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं| जिले में संक्रमण की दर 1.3 है तो वही रिकवरी दर 92.1 के करीब है| संक्रमण के प्रसार की संभावना बनी हुई है| लिहाजा जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट किया है| ताकि संक्रमण के प्रसार संबंधी किसी भी संभावनाओं को नकारा जा सके| गौरतलब है कि कोरोना को लेकर फिलहाल जिले की स्थिति सामान्य बनी हुई है|
कोविड टीकाकरण के बाद भी जरूरी है कोविड- 19 नियमों का पालन-
कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण में वायरस के कई नये वेरिएंट सामने आ रहे हैं जो काफी नुकसानदायक है। इसलिए आवश्यक है कि कोविड टीकाकरण के बाद भी लोगों द्वारा कोविड नियमों का कठोरता से पालन किया जाय। ताकि कोरोना के नये वेरिएंट से बचे रह सकें।
कोविड- 19 के टीका लेने के बाद भी कोविड- 19 के नियमों का पालन करे :
. बार.बार हाथ धोने की आदत डालें।
. साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
. छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें ।
. उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके।
. घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
. बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 2 गज की दूरी बनाए रखें।
. आंख नाक एवं मुंह को छूने से बचें।
. मास्क को बार.बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें ।





























