बिहार :अभी मास्क ही वैक्सीन है, दो गज की दूरी भी है जरूरी

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  • कोविड-19 से बचाव के लिए जारी रखें सतर्कता
  • संक्रमण रोकने का सबसे बेहतर माध्यम है मास्क

किशनगंज /प्रतिनिधि


लगातार बढ़ रही ठंड के कारण कोविड-19 के दूसरे दौर में संक्रमण में लगातार वृद्धि हो रही है। इसलिए, संक्रमण के दायरे से दूर रखने के लिए अभी और सतर्क व सावधान रहने की जरूरत है। अन्यथा, थोड़ी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत का सबब बन सकती है। चिकित्सकों के अनुसार वैक्सीन आने तक कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए सबसे आसान और बेहतर उपाय मास्क का उपयोग एवं शारीरिक दूरी का पालन है। बदलते मौसम के मद्देनज़र सर्दियों में स्वास्थ्य पर विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है। खासकर कोरोना को लेकर अभी और भी सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। कोरोना को लेकर हमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए

संक्रमण रोकने का सबसे बेहतर माध्यम है मास्क : –


जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ रफत हुसैन ने बताया कि मास्क संक्रमण फैलने से रोकता है और संक्रमण रोकने का यह सबसे आसान और बेहतर माध्यम है। इससे ना सिर्फ खुद सुरक्षित रहेंगे, बल्कि आपके सामने वाले लोग भी सुरक्षित रहेंगे। इतना ही नहीं मास्क लगाना खुद के साथ-साथ समाजहित में भी जरूरी है। इसलिए, अभी मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करना चाहिए। ताकि संक्रमण का खतरा उत्पन्न नही हो सकें।

सर्दियों में करें नियमित स्नान


सर्दी आते ही अक्सर लोग हाथ–मुँह सही तरीके से धोने से कतराते हैं। सर्दियों में लोगों को नहाने में भी दिक्कत होती है। कोरोना काल के दौरान मौसम कोई भी हो, घर में रहें व बाहर कहीं से आने के बाद पूरे शरीर के साथ हाथों की विशेष सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हाथों व शरीर की सफाई के अभाव में कई तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं। सर्दियों में सफाई पर विशेष ध्यान न देने से लोग खुद के साथ दूसरों के लिए भी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

शारीरिक दूरी का हमेशा रखें ख्याल: –


कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शारीरिक – दूरी का पालन करना भी जारी गाइडलाइन के अनुसार महत्वपूर्ण है। इसलिए, हर जगह निश्चित रूप से से शारीरिक-दूरी का हमेशा पालन करें। साथ ही अनावश्यक यात्रा नहीं करें, भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें। खुद के साथ-साथ दूसरों को गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रेरित करें।

सामुदायिक स्तर बदलाव से ही रूकेगा संक्रमण: –


कोरोना संक्रमण पर रोकथाम के लिए सामुदायिक स्तर पर बदलाव भी जरूरी है। क्योंकि, संक्रमण पर तभी रोक लगेगा और हम कोविड-19 से जीत सकते हैं। जब समाज के प्रत्येक व्यक्ति बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करेंगे। इसलिए, खुद के साथ-साथ दूसरों को भी कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देते हुए पालन करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।


सर्दियों में बेहद जरूरी है कोरोना संक्रमण के नियमों का पालन करना –


डॉ रफत हुसैन ने कहा कि इस समय सर्दी, खांसी-जुकाम के कुछ विशेष लक्षण कोविड-19 जैसे ही होते हैं। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज बिलकुल न करें। गंध या किसी चीज का स्वाद महसूस नहीं होना कोरोना के लक्षणों में से एक है। आमतौर पर यह तब होता है जब किसी व्यक्ति की नाक बंद हो जाती है। बढ़ती उम्र के साथ भी ऐसी समस्या आती है। ठंड लगना आमतौर पर छोटी समस्या मानी जाती है, लेकिन यह कोरोना का लक्षण हो सकता है। खासतौर से बिना किसी कारण के ठंड महसूस हो तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। ठंड से पीड़ित होने पर सिरदर्द होना काफी आम बात है। यह तब भी हो सकता है जब आप कोरोना वायरस से संक्रमित हों। सिर पर और आंखों के ऊपर लगातार तेज दर्द कोरोना का लक्षण हो सकता है। इसलिए लापरवाही बिलकुल न करें। ठंड के मौसम में नियमित स्नान व कपड़े की सफाई करते रहें। अगर ठंड लगे तो गुनगुने पानी से हर जरूरी काम से पहले हाथ जरूर धोएँ।

  • इन मानकों का पालन कर कोविड-19 से रहें दूर : –
  • साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
  • छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके।
  • घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
  • बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें।
  • मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें।
  • किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों।
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