एसडब्लूएम रूल्स 2016 के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रयासरत
सभी नगर निकायों में भूमि चिन्हित करने और टैगिंग की प्रक्रिया तेज
पुराने लेगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए विशेष एजेंसी कर रही है कार्य
कटिहार – शहरी स्वच्छता और वैज्ञानिक पद्धति से कचरा निस्तारण की दिशा में जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने नगर निगम क्षेत्र में संचालित एमआरएफ मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी और कम्पोस्ट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कचरा प्रबंधन से जुड़ी बारीकियों का जायजा लिया और ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के तहत जारी गाइडलाइंस को धरातल पर कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिये।

निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी श्री द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2016 में लागू हुए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के बाद से प्रशासन गीले और सूखे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विशेष रूप से प्रयासरत है। इस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले के सभी नगर निकायों में या तो स्वतंत्र रूप से भूमि चिन्हित की जा रही है।
अथवा उन्हें उचित डंपिंग व प्रसंस्करण स्थलों के साथ टैग किया जा रहा है। वर्तमान में नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत 100 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला एमआरएफ और कम्पोस्ट प्लांट सुचारू रूप से संचालित है। जिसका मुख्य उद्देश्य कचरे का त्वरित और सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करना है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य ठोस कचरा प्रबंधन रूल्स 2016 का शत -प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना है।
जिसके लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।बस स्टैंड के समीप जमा कचरे और डंपिंग साइट को लेकर पूछे गए सवालों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इस स्थल को पूरी तरह से चिन्हित कर लिया गया है। वहाँ मौजूद बरसों पुराने कचरे, जिसे तकनीकी भाषा में ‘लेगेसी वेस्ट’ कहा जाता है को हटाने का कार्य निरंतर जारी है।
इस पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और उचित हैंडलिंग के लिए पहले से ही एक विशिष्ट एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो इस पर काम कर रही है। चूंकि यह एक एमआरएफ और कम्पोस्टिंग साइट है, इसलिए यहाँ रूटीन तौर पर दैनिक कचरा आता रहेगा और उसका प्रसंस्करण किया जाता रहेगा।
यह एक अनवरत और नियमित चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह से कटिबद्ध है।निरीक्षण के दौरान निगम के नगर आयुक्त संतोष कुमार, ओएसडी नैमिस कुमार, निगम स्वच्छता पदाधिकारी राहुल कुमार, मो. नुर अली खान, जेई धर्मेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट:सत्येंदु सुमन























