केस डायरी नहीं भेजने पर अनुसंधानकर्ता के वेतन पर रोक

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कटिहार कोर्ट – जिला व्यवहार न्यायालय में एक मामले की केस डायरी समय पर प्रस्तुत नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सह विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने अनुसंधानकर्ता के वेतन से पांच हजार रुपये पर रोक लगाने का आदेश दिया। न्यायालय ने इस संबंध में आरक्षी अधीक्षक कटिहार को प्रतिवेदन भेजते हुए थानाध्यक्ष के माध्यम से संबंधित अनुसंधानकर्ता से स्पष्टीकरण की मांग की है।

यह मामला पंचायत शिक्षक नियोजन में फर्जी एवं कूट रचित अंक पत्र के आधार पर शिक्षक नियुक्ति प्राप्त कर सरकारी राशि के गबन से जुड़ा है। इस संबंध में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुलिस निरीक्षक सह जांचकर्ता मिथिलेश कुमार जायसवाल द्वारा प्राणपुर थाना में शिक्षक पप्पू मंडल के विरुद्ध कांड संख्या 4/22 दर्ज कराया गया था।

उक्त मामले में मुखिया वंदना देवी द्वारा अग्रिम जमानत के लिए एबीपी संख्या 283/26 न्यायालय में 21 फरवरी 2026 को दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने केस डायरी एवं आपराधिक इतिहास की मांग की थी।निर्धारित तिथि तक डायरी प्रस्तुत नहीं होने पर न्यायालय द्वारा 25 मार्च 2026 को स्मार पत्र भेजा गया। इसके बाद भी डायरी उपलब्ध नहीं कराए जाने पर 14 मई को स्पष्टीकरण मांगा गया था। बावजूद इसके केस डायरी न्यायालय में समय पर प्रस्तुत नहीं होने पर न्यायाधीश ने कड़ा रुख अपनाते हुए वेतन पर रोक लगाने का आदेश पारित किया।

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