बरसात से पहले कटावरोधी कार्य करवाने की मांग,ग्रामीण परेशान

SHARE:

टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह

प्रखंड क्षेत्र के चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत सुहिया हाट स्थित रेतुआ नदी के किनारे बसे ग्रामीणों ने बरसात से पूर्व कटावरोधी कार्य कराने की मांग को लेकर संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस एवं प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी वर्षा ऋतु में भारी तबाही की आशंका है और पूरा गांव खतरे की जद में आ सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार रेतुआ नदी का कटाव लगातार तेज होता जा रहा है। नदी की धारा हर वर्ष अपना रुख बदलते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण स्थल संकट में हैं। इनमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुहिया, स्थानीय मस्जिद, टैक्स गोदाम, राइस मिल एवं दर्जनों घर शामिल हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो ये सभी संरचनाएं नदी में समा सकती हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया कि विगत वर्ष करीब 70 लाख रुपये की लागत से कटावरोधी कार्य कराया गया था, लेकिन पहली ही बाढ़ में वह पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इससे कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग के कारण सरकारी राशि व्यर्थ चली गई और समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्तमान स्थिति यह है कि पिछली बाढ़ से प्रभावित आधा दर्जन परिवार आज भी मटियारी स्थित बाढ़ आपदा भवन में शरण लिए हुए हैं।

प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे अब तक अपने घरों में लौटने की स्थिति में नहीं हैं और जीवन-यापन के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर हैं। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।इस मुद्दे को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी आवाज उठाई है।

मुखिया मोफत लाल ऋषिदेव, पूर्व मुखिया उद्यानंद मंडल, मयानंद मंडल, कल्पना देवी, पंचायत समिति सदस्य कुंती देवी, पूर्व पंचायत समिति सदस्य बच्चन देव सिंह, सीता देवी, जिला परिषद सदस्य खोशी देवी, पूर्व जिला परिषद सदस्य श्यामलाल राम एवं शौकत अली सहित अन्य ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले स्थायी, मजबूत और तकनीकी रूप से सुदृढ़ कटावरोधी कार्य कराया जाए।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित हस्तक्षेप करने और क्षेत्र को संभावित आपदा से बचाने की अपील की है।

Leave a comment

सबसे ज्यादा पड़ गई