यूएमएस शिवानंदपुर में उपस्थिति से ज्यादा हाज़री बनाने का खेल
600 बच्चों की उपस्थिति पर 4 डब्बा ही एनजीओ द्वारा खाना
बारसोई /कटिहार -बारसोई प्रखंड में मिड डे मील योजना की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं जिला प्रबंधक ने एक बार फिर विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय कचना और उत्क्रमित मध्य विद्यालय मालापाड़ा में ग्रामीणों ने पदाधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई और व्यवस्था में सुधार की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विद्यालयों में अनियमितता थमने का नाम नहीं ले रही है। बच्चों की उपस्थिति के अनुरूप भोजन नहीं दिया जा रहा है। जिससे छात्रों को परेशानी हो रही है। वहीं उत्क्रमित मध्य विद्यालय शिवानंदपुर में जांच के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया। जहां भोजन की मात्रा कम जबकि उपस्थिति अधिक पाई गई।
इस पर प्रधानाध्यापक मोहम्मद सरफुदीन ने बताया कि स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर नेशनल डेवलपमेंट इनिसिएटिव द्वारा मात्र 4 डब्बा ही मिड डे मील उपलब्ध कराया जाता है जो पर्याप्त नहीं है। जबकि किचन प्रबंधक ने कहा कि एक डब्बे 50 बच्चों का मिड डे मील मामले में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी मिलीभगत से उपस्थिति बढ़ाने और भोजन आपूर्ति में गड़बड़ी का खेल चल रहा है।
इस संबंध में बिधौर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मुजफ्फर हुसैन ने उपस्थित पदाधिकारी को अवगत कराते हुए कहा कि एमडीएम का खाना काफी निम्न किस्म का दिया जा रहा है। एमडीएम के खाने में सुधार अगर नहीं हुई तो आने वाला दिन बच्चों के अभिभावक एजेंसी के विरुद्ध बड़े आंदोलन करेंगे।
इसलिए आज से ही खाने में सुधार लाने का निर्देश संवेदक को दिया जाए।मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी राजू कुमार ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जांच कर तुरंत रिपोर्ट देने को कहा। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और व्यवस्था में कब तक सुधार आता है।

























