कटिहार – शुक्रवार को जिला संयुक्त कृषि भवन सभागार में रासायनिक खाद के अंधाधुध उपयोग को नियंत्रित कर बदले में जैविक खाद के अधिक से अधिक उपयोग करने को प्रेरित करने के उद्देश्य से जागरूकता सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कृषक जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार,आत्मा के परियोजना उप निदेशक शशिकांत झा,कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा सुशील, नंदिता दास ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस मौके पर मौजूद किसान भाईयों को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने रासायनिक खाद की लम्बे समय से उपयोग के कारण भूमि की ऊर्वरा शक्ति में कमी देखी जा रही है। मृदा स्वास्थ्य में सुधार को लेकर जैविक खाद के उपयोग को अपनाने की अपील की। जैविक खाद के उपयोग को भूमि की उर्वरा शक्ति बढाने के साथ साथ फसल पैदावार बढाने में भी उपयोगी बताया।
कृषक बंधुओं से आवश्यक्तानुसार फसलों में संतुलित मात्रा मे ही रासायनिक खाद डालने को कहा। उन्होने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग की सलाह दी जिससे मिट्टी के स्वास्थ्य पर कम हानिकारक प्रभाव के ही पौधे सीधे पत्तियों के माध्यम से पोषक तत्व प्राप्त कर लेते हैं।आत्मा के परियोजना उपनिदेशक शशिकांत झा ने मिट्टी जांच के बाद भी आवश्यक रासायनिक खाद की अनुसंशित मात्र मे उपयोग की सलाह दी।
दलहन एवं तेलहन फसलों के उगाने लगाने से भी मिट्टी में नत्रजन स्थिरीकरण होने से भूमि की ऊर्वरा शक्ति बढती है। लिहाजा दलहन तिलहन फसल के साथ मूंग एवं ढैंचा फसल हरित खाद के रुप में लगाने की अपील की।इस मौके पर सहायक निदेशक मृदा रसायन इन्द्रनंद मंडल ने भी अपने विचार रखे। प्रशिक्षण में विभिन्न प्रखंडों से आये सैकडों किसानों,प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों, सहायक तकनीकी प्रबंधकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में लेखापाल प्रभाकर कुमार,सहायक तकनीकी प्रबंधक आदित्य कुमार,सुनील कुमार की सक्रिय भूमिका रही।




























