मिड-डे मील में गड़बड़ी से बवाल,खराब भोजन और लापरवाही पर भड़के अभिभावक

SHARE:

132 स्कूलों में सप्लाई संभाल रहे एनजीओ पर उठे सवाल

बच्चों ने खट्टा-बदबूदार खाना खाने से किया इनकार

बारसोई /कटिहार – बारसोई प्रखंड में मिड-डे मील योजना को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। जिससे अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल से प्रखंड के 132 विद्यालयों में पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सेंटर फॉर नेशनल डेवलपमेंट इनिशियेरिव नामक एनजीओ को सौंपी गई है।

लेकिन शुरुआत के कुछ ही दिनों में व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है। ताजा मामला उत्क्रमित मध्य विद्यालय कचना और उत्क्रमित मध्य विद्यालय मालापाड़ा का है। जहां बच्चों को परोसा गया भोजन खट्टा और बदबूदार पाया गया। हालत यह रही कि बच्चों ने खाना खाने से साफ इनकार कर दिया और कई बच्चे भूखे ही घर लौटे। उत्क्रमित मध्य विद्यालय कचना की प्रधानाध्यापिका जलसा कुमारी ने बताया कि लगातार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि बच्चों का खाना फेंकना और भूखे रहना बेहद चिंताजनक है। वहीं मालापाड़ा के प्रधानाध्यापक अजय कुमार राय ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि कई दिनों से खराब भोजन आ रहा है और मना करने के बावजूद जबरन आपूर्ति की जा रही है, जो बच्चों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ है। मामले में भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ उसके परिवहन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन को बंद और सुरक्षित वाहनों में लाया जाना चाहिए, लेकिन यहां खुले पिकअप वैन में तिरपाल ढककर सप्लाई की जा रही है,

जिससे धूल और गंदगी मिलना तय है।इधर एनजीओ के किचन मैनेजर सुजीत कुमार महतो ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मुमताज अहमद ने कहा कि सूचना प्राप्त हुई है की दो स्कूल के बच्चे एमडीएम के खाने फेंक दिए हैं। एमडीएम प्रभारी को घटनास्थल पर पहुंचकर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट आते ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

Leave a comment

सबसे ज्यादा पड़ गई