फारबिसगंज में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ABVP का आमरण अनशन, बढ़ती फीस और महंगी किताबों पर फूटा गुस्सा

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संवाददाता:बिपुल विश्वास

फारबिसगंज में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इस मौके पर अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अभिभावकों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है. निजी स्कूलों में दाखिला, किताबें और ड्रेस का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है.

आरोप है कि प्राइवेट पब्लिकेशन और स्कूलों के बीच कमीशन के खेल के चलते बच्चों की पढ़ाई महंगी होती जा रही है. फारबिसगंज में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी चरम पर है. इस मौके पर कालेज छात्र संघ अध्यक्ष सुरज चौधरी ने कहा जिला प्रशासन इस पर ध्यान दें और दोषियों पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा नर्सरी स्तर पर जहां एक थ्री इन वन किताब करीब 50 रुपये में मिल सकती है

वहीं निजी स्कूल अलग-अलग विषयों की कई किताबें दिलवा रहे हैं, जिनकी कीमत 100-200 रुपये प्रति किताब से कम नहीं होती. ऐसे में कुल खर्च करीब 2000-3000 रुपये तक पहुंच जाता है.

जानकारों की मानें तो पहली कक्षा का खर्च 10 हजार तक पहुंच जाता है.दाखिला फीस, किताबें और ड्रेस मिलाकर पहली कक्षा के छात्र पर ही लगभग 10 हजार रुपये तक का खर्च आ रहा है. फारबिसगंज में करीब 100 निजी स्कूल हैं और अनुमान है कि हर साल 4 से 6 करोड़ रुपये की किताबों की खरीद होती है. इस मौके पर बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता मौजूद थे।

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