पटना /विशेष संवाददाता
बिहार के परिवहन और सड़क नेटवर्क को बड़ा विस्तार देते हुए केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत राज्य की पांच बड़ी सड़क परियोजनाओं को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल राज्य के विभिन्न हिस्सों में यातायात सुगम होगा, बल्कि प्रमुख धार्मिक और आर्थिक गलियारों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
अयोध्या और जनकपुर की कनेक्टिविटी होगी और बेहतर
मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ परियोजना
इन सभी मंजूरशुदा योजनाओं में सबसे बड़ी परियोजना मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क मार्ग की है, जिस पर कुल 8,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 146 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण से अयोध्या और जनकपुर के बीच की कनेक्टिविटी अभूतपूर्व रूप से बेहतर होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय और धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राज्य के विभिन्न जिलों के बीच की दूरियों को पाटने और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए अन्य महत्वपूर्ण मार्गों को भी स्वीकृति मिली है।
अरवल से बिहारशरीफ (89 किमी): इस महत्वपूर्ण मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जाएगा, जिस पर 3,300 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
नौबतपुर से हरिहरगंज (88 किमी): इस मार्ग के विकास और निर्माण कार्य पर 2,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
छपवा से बेतिया (40 किमी): इस व्यस्त मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए **1,700 करोड़ रुपये** की मंजूरी दी गई है, जिससे पश्चिम चंपारण क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
बरियारपुर से बिशुनपुर-जमुई: इस खंड पर सड़क चौड़ीकरण के कार्य को भी हरी झंडी दिखा दी गई है, जिससे जमुई और आसपास के क्षेत्रों का संपर्क मार्ग मजबूत होगा।
आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पांचों परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार में आधुनिक और हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क का मजबूत जाल बिछ जाएगा। इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और समय की बचत होगी, बल्कि राज्य में व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को भी तीव्र गति से बढ़ावा मिलेगा।