ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह
सीमान्त मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सिलीगुड़ी के उप महानिरीक्षक राजीव राणा ने मंगलवार को 19वीं वाहिनी एसएसबी ठाकुरगंज के अंतर्गत समवाय मुख्यालय कुर्लीकोट तथा सीमा चौकियों तवलविटा और खटखटी का औपचारिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था, परिचालन तैयारियों और जवानों की कार्यक्षमता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उप महानिरीक्षक ने सीमा क्षेत्र में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं जवानों से अधिकाधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बीओपी तावलविता में एसएसबी रानीडांगा की राहत एवं बचाव दल (आरआरटी) ने प्राकृतिक आपदाओं एवं आपात स्थितियों में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया। टीम ने सीपीआर , बोट संचालन तथा बचाव तकनीकों का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। उप महानिरीक्षक ने टीम की दक्षता, तत्परता और पेशेवर क्षमता की सराहना की।
इस अवसर पर बीओपी कमांडर ने सैंड मॉडल ब्रीफिंग के माध्यम से सीमा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, सीमा प्रबंधन, परिचालन व्यवस्था तथा सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उप महानिरीक्षक ने समवाय मुख्यालय कुर्लीकोट, बीओपी तावलविता एवं खटखटी के अधिकारियों, जवानों और आरआरटी टीम से संवाद करते हुए उनके अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की।
उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी प्राकृतिक आपदा, आपातकालीन स्थिति अथवा सीमा संबंधी चुनौती की सूचना मिलते ही बिना विलंब घटनास्थल पर पहुंचकर त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए। साथ ही आरआरटी टीम को नियमित प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और कौशल उन्नयन जारी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में कार्मिक पूरी दक्षता और आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
भ्रमण के समापन पर उप महानिरीक्षक ने पुनः वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में हरित वातावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी से सक्रिय सहभागिता की अपील की।

























