रिपोर्ट :अरुण कुमार
नेपाल में हालिया सांप्रदायिक तनाव और हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। कोशी प्रदेश के सुनसरी जिले में जिला प्रशासन ने कर्फ्यू में बड़ी राहत देते हुए शनिवार सुबह 5:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक कर्फ्यू हटाने का आदेश जारी किया है। हालांकि संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा लागू रहेगी और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, सभा, प्रदर्शन और धरना पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
प्रमुख जिला अधिकारी इन्द्र प्रसाद अर्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार इटहरी, इनरुवा, दुहबी, भोक्राहा नरसिंह, कोशी, गढी, देवानगंज, हरिनगर और बरजू समेत संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बरकरार रहेगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
इधर, हिंसा से प्रभावित सिराहा जिले के गोलबाजार गोलीकांड मामले में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से जान गंवाने वाले औराही ग्रामीण नगरपालिका-2, मोतीपुर निवासी गणेश यादव के परिवार और नेपाल सरकार के बीच गृह मंत्री सुधन गुरुंग की मौजूदगी में शुक्रवार देर रात सात सूत्री समझौता हो गया।
समझौते के तहत नेपाल सरकार ने गणेश यादव को शहीद घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल आगे बढ़ाने, उनके परिजनों को 10 लाख नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा घटना की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। साथ ही जांच समिति की रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों को शीघ्र लागू करने पर भी सहमति बनी है।
सरकार ने मृतक के परिवार के एक योग्य सदस्य को रोजगार, भाई-बहनों को निःशुल्क शिक्षा, माता-पिता को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने तथा स्थानीय सरकार के समन्वय से गणेश यादव की स्मृति में स्मारक पार्क बनाने की भी घोषणा की है।
इस समझौते पर गणेश यादव के पिता रामवृक्ष यादव ने परिवार की ओर से तथा नेपाल सरकार की ओर से गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने हस्ताक्षर किए।
गौरतलब है कि 14 जुलाई को सिराहा के गोलबाजार में प्रदर्शन के दौरान गणेश यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद गोलबाजार और लहान सहित आसपास के क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सरकारी एजेंसियों के अनुसार मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
सरकारी सूत्रों का मानना है कि मृतक के परिवार और सरकार के बीच हुए इस समझौते से आंदोलन समाप्त होने तथा क्षेत्र में शांति बहाल होने की दिशा में सकारात्मक माहौल बनेगा। वहीं सुनसरी में कर्फ्यू में दी गई ढील को भी नेपाल में सामान्य स्थिति की ओर लौटते हालात का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

























