कटिहार–जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में बुधवार को हरिशंकर नायक उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में बाल विवाह और नशा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सीनियर न्यायाधीश सह सचिव कमलेश कुमार देवू ने छात्र-छात्राओं से समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लड़के के लिए 21 वर्ष और लड़की के लिए 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना कानूनी रूप से वैध नहीं है।उन्होंने नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा चलाए जा रहे नशाबंदी अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।वही एलएडीसी के मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को बाल विवाह और नशा मुक्ति से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया।
मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी राहुल चंद्र चौधरी ने कहा कि हम 18वीं शताब्दी से बाल विवाह के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन समाज में आज भी ऐसी घटनाएं होना चिंता का विषय है। बिहार में शराबबंदी के बावजूद युवा वर्ग सूखे नशे की चपेट में आ रहा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे समाज में राजदूत बनकर इन कुरीतियों के खिलाफ अलख जगाएं।
हरिशंकर नायक उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका भारती कुमारी व सृष्टि कुमारी और मध्य विद्यालय मिरचाईबाड़ी की शिक्षिका तृप्ति कुमारी व प्रियंका ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पहले अपना कैरियर बनाएं और उसके बाद ही विवाह के बारे में सोचें। उन्होंने अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तुरंत टॉल फ्री नंबर पर इसकी जानकारी दें।
कार्यक्रम के अंत में तटवासी समाज न्यास संस्था के प्रतिनिधियों ने भी बाल विवाह और नशा के खिलाफ संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखे। इस संवाद कार्यक्रम ने छात्र-छात्राओं को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।





















