मोबाइल चैट से खुला बड़ा राज! व्हाट्सएप-इंस्टाग्राम के जरिए विदेशी संपर्क, देशविरोधी साजिश की जांच तेज
कुमार आलोक /कटिहार – बिहार में एक बार फिर संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़े तार सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र से शुरू हुई पुलिस कार्रवाई अब सीतामढ़ी तक पहुंच चुकी है, जहां गाढ़ा थाना क्षेत्र में दो और संदिग्धों की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों ने यह संकेत दिया है कि मामला सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की कड़ी सबसे पहले 6 जुलाई को मुंगेर जिले के तारापुर से गिरफ्तार किए गए सद्दाम से जुड़ती है, जिसे पुलिस ने जेल भेज दिया था। इसके बाद 13 जुलाई को जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मुसापुर निवासी मोहम्मद अहद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मोहम्मद अहद के संपर्क सीतामढ़ी तक फैले हुए थे।
इसी क्रम में 15 जुलाई को सीतामढ़ी जिले के गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकोर गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान मोहम्मद अखलाख ( 29) और मोहम्मद अरमान ( 28) दोनों निवासी ग्राम टकोर, थाना गाढ़ा, जिला सीतामढ़ी के रूप में हुई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मोबाइल में संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप, विदेशी मोबाइल नंबरों से लगातार संपर्क और पाकिस्तान स्थित संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलता है कि आरोपी देशविरोधी गतिविधियों की योजना से जुड़े हो सकते हैं।
हालांकि इस संबंध में अभी विस्तृत जांच जारी है और बरामद मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि तकनीकी रूप से पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा सकें। गाढ़ा थाना में इस मामले को लेकर कांड संख्या 78/26 दर्ज किया गया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब जांच में यह सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के तार कटिहार जिले में दर्ज एक अन्य देशविरोधी गतिविधियों के मामले केस संख्या 229/2026 से भी जुड़े हुए हैं। यह वही केस है जिसमें कोढ़ा थाना क्षेत्र के मुसापुर निवासी मोहम्मद अहद की गिरफ्तारी हुई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल से मिले चैट और कॉल डिटेल में यह संकेत मिला है कि वे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे। जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान स्थित एक संदिग्ध व्यक्ति जिसका नाम राणा हसनैन बताया जा रहा है से इनकी बातचीत के साक्ष्य मिलना बताया जा रहा है कि उक्त हैंडलर इन युवकों को भारत में सामाजिक अशांति फैलाने, मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को भड़काने और देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उकसा रहा था।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस तकनीकी और फॉरेंसिक जांच पर विशेष जोर दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अब सिर्फ संवाद के लिए नहीं, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा है। सीतामढ़ी पुलिस की इस कार्रवाई में गाढ़ा थानाध्यक्ष सोनी कुमारी की भूमिका अहम मानी जा रही है, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को गिरफ्तार किया। वहीं, कटिहार और मुंगेर पुलिस के साथ समन्वय बनाकर इस पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम तेजी से किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी कई और खुलासे हो सकते हैं। बरामद मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ पाएगी। सूत्रों के अनुसार गाढ़ा थाना क्षेत्र के ही एक अन्य संदिग्ध युवक की तलाश भी की जा रही है, जिसके इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं का सोशल मीडिया के जरिए बाहरी तत्वों के संपर्क में आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में पुलिस अब जागरूकता अभियान चलाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की रणनीति पर भी काम कर रही है।
फिलहाल बिहार पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। कटिहार, मुंगेर और सीतामढ़ी की घटनाओं को जोड़कर देखा जाए तो यह साफ संकेत मिलता है कि मामला एक संगठित नेटवर्क का हो सकता है, जिसकी जड़ें राज्य के अलग-अलग जिलों में फैली हुई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस की कार्रवाई जारी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।























