किशनगंज /विजय कुमार साह
किशनगंज जिले के बहादुरगंज से टेढ़ागाछ तक पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर पुराने मार्ग को चौड़ा करने के बजाय नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के गरीब और भूमिहीन परिवार गंभीर संकट में आ गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुराने सड़क मार्ग का ही चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाता, तो न केवल सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होता बल्कि कई परिवारों का आशियाना भी सुरक्षित रहता। लेकिन नई सड़क के निर्माण के कारण कई घरों पर सीधा असर पड़ रहा है और कुछ परिवारों के पूरी तरह बेघर होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
वहीं, कई किसानों की कीमती खेतिहर भूमि भी सड़क निर्माण की भेंट चढ़ रही है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है।स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले सड़क उनके आवासीय भूमि के किनारे से होकर गुजरती थी, लेकिन नए निर्माण के चलते सड़क का रुख बदल दिया गया है, जिससे कई घरों के दोनों ओर सड़क बन गई है और खलिहान एवं कृषि भूमि पूरी तरह प्रभावित हो रही है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उनके पास अब रहने के लिए पर्याप्त जमीन नहीं बची है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रभावित ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी, किशनगंज तथा संबंधित पथ निर्माण विभाग को आवेदन देकर पुराने मार्ग के चौड़ीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पुराने सड़क का ही विकास किया जाए तो बड़ी संख्या में भूमिहीन परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि विकास कार्य भी जारी रहे और गरीब परिवारों के आशियाने एवं खेतिहर भूमि की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।


























