संवाददाता:अरुण कुमार
अररिया जिले में पुल का पिलर धंसने का मामला प्रकाश में आया है।मालूम हो कि परमान नदी पर ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा तीन साल पहले पुल का निर्माण करवाया गया था।लेकिन करोड़ों की लागत से निर्मित झमटा-महिषाकोल पुल का मुख्य पिलर अचानक धंस गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक पुल निर्माण के समय भी ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के द्वारा अनियमितता की शिकायत की गई थी । गौरतलब हो कि 206.72 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण कार्य मई 2022 में ही पूर्ण हुआ था. महज तीन साल के भीतर ही नदी की तेज धार के सामने पुल का पाया नीचे की ओर धंस गया है, जिससे ऊपर की मुख्य रेलिंग में बड़ी-बड़ी भयावह दरारें आ चुकी हैं पुल की जर्जर स्थिति खुद विभाग का पोल खोल रही है ।
स्थानीय ग्रामीण का कहना है कि लगभग 9 पंचायत के ग्रामीणों के लिए यह पुल लाइफ लाइन है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर कुमार के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच दल ने गुरुवार को घटना स्थल का भौतिक निरीक्षण किया.
जाँच के उपरांत टीम के सदस्यों ने अररिया जिला पदाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया है ।ग्रामीण और जनप्रतिनिधि इस घटना के बाद जांच कर दोषियों के खिलाफ कारवाई की मांग कर रहे हैं।पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन द्वारा पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगा दिया गया है।

























