ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज और आसपास के इलाकों में शुक्रवार सड़क हादसों के नाम रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग 327ई पर अलग-अलग स्थानों पर हुए दो भीषण सड़क हादसों में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने एक बार फिर एनएच-327ई की सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली घटना ठाकुरगंज रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के समीप हुई, जहां एक तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कंटेनर ट्रक तेज गति से गुजर रहा था, तभी चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा और वाहन सीधे डिवाइडर से जा भिड़ा। हादसे की जोरदार आवाज सुन आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर पहुंच गए।
दुर्घटना के कारण एनएच-327ई पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही ठाकुरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क किनारे हटाया गया, जिसके बाद कई घंटों की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य हो सका। हादसे में चालक और खलासी को मामूली चोटें आईं और दोनों बाल-बाल बच गए।
वहीं दूसरी और अधिक दर्दनाक घटना कुर्लीकोट थाना क्षेत्र के पिपरीथान चौक के समीप हुई, जहां तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रेलर सड़क किनारे खड़े कंटेनर से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर से जुड़ा ट्रेलर दो हिस्सों में टूट गया और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे में पोठिया थाना क्षेत्र के तैयबपुर बड़ापोखर निवासी परदेशी सरकार (40 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि दिलीप कुमार सिंह (30 वर्ष) निवासी माखनपोखर और विजय कुमार (30 वर्ष) निवासी कालियागंज गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार सभी मजदूर छत ढलाई कार्य के लिए ट्रैक्टर-ट्रेलर पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान एनएच-327ई पर तेल खत्म होने के कारण सड़क किनारे खड़े कंटेनर से ट्रैक्टर-ट्रेलर जा भिड़ा।
हादसे के बाद सड़क पर ट्रेलर के टूटे हिस्से, मजदूरों की चप्पलें और खून के निशान बिखरे पड़े थे। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परदेशी सरकार को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है। कुर्लीकोट थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
लगातार हो रहे हादसों से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि हालिया बारिश के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई है और एनएच-327ई का ठाकुरगंज आरओबी क्षेत्र अब दुर्घटना का ब्लैक स्पॉट बन चुका है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हाईवे पर पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल की व्यवस्था नहीं है। लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाने तथा तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।

























