ठाकुरगंज की ताराचंद धानुका एकेडमी की टीम ने अपने पहले ही इंटर-स्कूल नॉकआउट क्रिकेट टूर्नामेंट में रनर-अप में स्थान प्राप्त कर एकेडमी का नाम रौशन किया।

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किशनगंज/रणविजय


ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभा अगर सही मार्गदर्शन पाए, तो वह बड़े मंचों पर भी अपना परचम लहरा सकती है। इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है ठाकुरगंज की ताराचंद धानुका एकेडमी ने। सैक्रेड एकेडमी स्कूल सिलीगुड़ी द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित इंटर-स्कूल नॉकआउट क्रिकेट टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीडीए की टीम ने रनर्स-अप यानी उपविजेता का खिताब अपने नाम किया है।

इस प्रतियोगिता में सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों के कुल 8 प्रमुख विद्यालयों ने हिस्सा लिया था, जिनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल और डॉन बॉस्को जैसे नामचीन स्कूल शामिल थे। रोमांचक मुकाबलों के बीच टीडीए ने अपने पहले ही इंटर-स्कूल टूर्नामेंट में सबको हैरान कर दिया। टीम ने सिलीगुड़ी की दो सबसे मजबूत टीमों डीपीएस सिलीगुड़ी और बिरला दिव्या ज्योति स्कूल को शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया।

इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में ताराचंद धानुका एकेडमी ठाकुरगंज, सैक्रेड हार्ट स्कूल, सिलीगुड़ी, दिल्ली पब्लिक स्कूल सिलीगुड़ी, बिड़ला दिव्य ज्योति सिलीगुड़ी, द दून हेरिटेज स्कूल सिलीगुड़ी, महबर्ट हाई स्कूल सिलीगुड़ी, डॉन बॉस्को स्कूल सिलीगुड़ी, ओलिविया एनलाइटेड इंग्लिश स्कूल बिधाननगर शामिल थें।

टूर्नामेंट के दौरान बेहतर खेल का प्रदर्शन करने के लिए कक्षा 10 के मुसायब तबरेज़ को शानदार क्षेत्ररक्षण के लिए चुना गया तो वहीं कक्षा 09 के दीपांकर राज को अपनी धारदार गेंदबाजी के लिए बेस्ट बॉलर ऑफ द टूर्नामेंट से सम्मानित किया गया।

टीडीए स्कूल प्रबंधन ने अपने एकेडमी की टीम की इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा है कि, यह उपलब्धि केवल क्रिकेट के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ठाकुरगंज जैसे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के बढ़ते आत्मविश्वास और क्षमता का प्रतीक है। पहली बार किसी बड़े इंटर-स्कूल टूर्नामेंट में उतरना और सिलीगुड़ी के स्थापित स्कूलों के बीच फाइनल तक का सफर तय करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। यह टीडीए की पहली इंटर-स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता थी, लेकिन निश्चित रूप से आखिरी नहीं।

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