किशनगंज/प्रतिनिधि
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली के निर्देशानुसार 9 मई को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।इस आयोजन की सफलता और तैयारियों को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुशांत कुमार ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। जिला न्यायाधीश ने सभी आमजनों से अपील किया कि आमजन अपने लंबित वादों का शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से निस्तारण कराने हेतु इस अवसर का लाभ उठाएं।
लोक अदालत में होने वाले फैसले की कोई अपील नहीं होती है और यह अंतिम होता है, जिससे समय और धन की बचत होती है। बैठक के दौरान प्रधान जिला जज ने निर्देश दिया कि इस लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलाहनीय,शमनीय मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आम जनता को सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय प्रदान करना है।
जिला न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर आपराधिक समझौता योग्य अपराध एवं प्ली बार्गेनिंग, वित्तीय मामले: एनआई एक्ट की धारा 138 (चेक बाउंस), बैंक ऋण वसूली और अन्य मनी रिकवरी मामले,दुर्घटना एवं श्रम विवाद,मोटर एक्सीडेंट क्लेम आदि का निपटारा किया जाएगा।




























