भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी व एपीएफ की संयुक्त बैठक, सुरक्षा व समन्वय को लेकर बनी रणनीति।

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टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह

भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शनिवार को 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), किशनगंज के फतेहपुर बीओपी में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता द्वितीय कमांडेंट पवन कुमार ने की, जिसमें नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के डीएसपी दिनेश श्रेष्ठ सहित दोनों देशों के जवान शामिल हुए।

बैठक के उपरांत सीमा स्तंभ संख्या 151 से 150/01 तक संयुक्त गश्ती अभियान भी चलाया गया, जिसमें दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने मिलकर सीमावर्ती क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान समवाय माफीटोला के समवाय प्रभारी ललित यादव (उप निरीक्षक) समेत अन्य जवान मौजूद रहे। बैठक में एसएसबी के 7 तथा एपीएफ के 8 जवानों की सहभागिता रही।बैठक के दौरान द्वितीय कमांडेंट पवन कुमार ने एपीएफ के अधिकारियों का स्वागत करते हुए दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय पर संतोष व्यक्त किया।

उन्होंने सीमा सुरक्षा को लेकर उपस्थित जवानों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए और तस्करी रोकथाम के लिए सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया। चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि सीमा क्षेत्र में निरंतर संयुक्त पेट्रोलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

साथ ही, सीमा पर अनावश्यक आवागमन को रोकने तथा सीमा पार करने वाले व्यक्तियों के पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) की अनिवार्य रूप से हार्ड कॉपी जांच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

इसके अलावा, दोनों देशों के अधिकारियों ने साइबर अपराध और धोखाधड़ी जैसे नए उभरते खतरों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा की। भारत-नेपाल की खुली सीमा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, घुसपैठ या संभावित आतंकी खतरे की सूचना पर त्वरित और समन्वित कार्रवाई की जाएगी।


बैठक के अंत में द्वितीय कमांडेंट पवन कुमार ने एपीएफ नेपाल के अधिकारियों एवं जवानों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सहयोग और समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संयुक्त पहल से सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

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