किशनगंज/विजय कुमार साह
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ “सम्मान के साथ काम, हर मांग पर अंजाम” के नारे के साथ बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा) का आंदोलन तेज होता जा रहा है। 11 फरवरी 2026 से शुरू राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश को आज 1 माह 7 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा पूर्व में हुए लिखित समझौतों को लागू नहीं किया गया है।
संघ के अनुसार, 23 दिनों की ऐतिहासिक हड़ताल के बाद 2 जून 2025 को तत्कालीन अपर मुख्य सचिव (राजस्व) के साथ लिखित सहमति बनी थी, जिसे विभागीय ज्ञापांक-353 द्वारा जारी किया गया था। इसके बाद 9 जुलाई 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक (ज्ञापांक-437) में भी इन निर्णयों पर मुहर लगाई गई थी। बावजूद इसके, अब तक धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं दिखी है।
संघ की प्रमुख मांगों में गृह जिला में पदस्थापन, ग्रेड पे 1900 से बढ़ाकर 2800 करना, 10 वर्षों में प्रमोशन, कार्य निष्पादन के लिए आवश्यक संसाधन (इंटरनेट, प्रिंटर, कागज, फर्नीचर, मोबाइल, आलमारी, क्षेत्र भ्रमण हेतु बाइक व पेट्रोल) उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा “एक कर्मचारी-एक हल्का” व्यवस्था लागू करने और पदनाम बदलकर ‘सहायक राजस्व अधिकारी’ करने की भी मांग की जा रही है।
आंदोलन को और बल तब मिला जब पंचायत सचिव भी हड़ताल में शामिल हो गए, जिससे ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। रैयतों को जमीन से जुड़े कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। 17 मार्च को गर्दनीबाग, पटना में धरना कार्यक्रम आयोजित कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया।




























