बिहार सरकार ने गेट्स फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन का पुनः किया नवीनीकरण
एमओसी के नवीनीकरण से 2030 तक एसडीजी लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेज होंगे प्रयासः सम्राट चौधरी
स्वास्थ्य के कई मानकों पर बिहार देश में नंबर 1
पटना: बिहार सरकार ने गेट्स फाउंडेशन के साथ चल रहे ’’ समझौता ज्ञापन’(एमओसी) का नवीनीकरण पांच वर्षो के लिए पुनः किया। यह समझौता अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और अगले पाँच वर्षों तक राज्य सरकार के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य समेत कुछ अन्य विभागों को सहयोग प्रदान करेगा।
शुक्रवार को पुराना सचिवालय सभाकक्ष में यह समझौता उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षरित की गयी। वर्तमान समझौता ज्ञापन पर बिहार सरकार की ओर से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत तथा गेट्स फाउंडेशन की भारत निदेशक अर्चना व्यास ने हस्ताक्षर किए। बिहार सरकार और गेट्स फाउंडेशन के बीच वर्ष 2010 से सशक्त साझेदारी रही है। पिछले 15 वर्षों में इस समझौते का कई बार नवीनीकरण किया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस समझौते के नवीनीकरण के लिए स्वास्थ्य मंत्री, श्री मंगल पांडेय को बधाई दी और कहा, “बिहार सरकार राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर में सतत सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। हमें प्रसन्नता है कि गेट्स फाउंडेशन का तकनीकी सहयोग और विशेषज्ञता आगे भी हमें प्राप्त होता रहेगा, जिससे हम सामूहिक रूप से बिहार के विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकेंगे।”इस सहयोग ज्ञापन से वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में राज्य की प्रगति को और गति मिल सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य ने पीएम, श्री मोदी के मार्गदर्शन एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य एवं विकास सूचकांकों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2011 से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में लगभग आधी कमी आई है। यह सहयोग ज्ञापन राज्य द्वारा पिछले डेढ़ दशक में प्राप्त गति को संस्थागत रूप से सुदृढ़ करते हुए इस परिवर्तनकारी प्रगति को निरंतर बनाए रखने का लक्ष्य रखता है। हमें पूरी उम्मीद है कि गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से हम आगे भी विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के लक्ष्य को बरकरार रखेंगे।
श्री पांडेय ने कहा, “बिहार ने बीते वर्षों में सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ठोस और उल्लेखनीय प्रगति प्राप्त की है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य मानकों में सुधार हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता और जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है। गेट्स फाउंडेशन के साथ यह नवीनीकृत सहयोग हमें तकनीकी क्षमता सुदृढ़ करने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच बढ़ाने तथा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में सहायक होगा। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक परिवार को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ हों और बिहार स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और सशक्त करे।”
श्री पांडेय ने कहा कि राज्य का मातृ – मृत्यु अनुपात (एमएमआर) भी घटकर 104 हो गया है। सरकार का लक्ष्य है कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 2030 के अनुरूप इसे चरणबद्ध तरीके से 70 तक लाया जाए। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव दर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार संस्थागत प्रसव दर 76.2 प्रतिशत तक पहुंची है। राज्य में पूर्ण टीकाकरण कवरेज भी 93 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य तंत्र की सुदृढ़ता का प्रमाण है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने कहा, “यह सहयोग केवल कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थागत क्षमता निर्माण और प्रणाली सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित है। गेट्स फाउंडेशन की भारत निदेशक श्रीमती अर्चना व्यास ने कहा, “हम बिहार राज्य के साथ इस साझी यात्रा को आगे बढ़ाने पर गर्व महसूस करते हैं। हमारा उद्देश्य स्वास्थ्य और पोषण के परिणामों में सुधार करना, रोग एवं गरीबी के बोझ को घटाना, और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तथा आजीविका के अवसरों तक पहुँच को मजबूत बनाना है।
इस सहयोग ज्ञापन के माध्यम से गेट्स फाउंडेशन अपने भागीदारों के साथ मिलकर स्वास्थ्य, कृषि एवं ग्रामीण विभागों में सरकार को तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, श्री अमित कुमार पाण्डेय, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार, गेट्स फाउंडेशन के निदेशक स्वास्थ्य रजनी वैद्य, गेट्स फाउंडेशन के उपसचिव, स्वास्थ्य डॉ देवेन्द्र खंडैत, गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री आकाश, डॉ हेमंत शाह, विनोद दुबे एवं राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


























