किशनगंज/पोठिया/राज कुमार
आदिवासी सांवता सेचेद् लेक्चर सेंमलेद् किशनगंज, बिहार संस्था के नेतृत्व में शनिवार को पोठिया मांडेर मांझी थान परिसर में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजेश किस्कू ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आसेका बिहार संस्था की प्रखंड स्तरीय समिति का गठन था।
बैठक में सर्वसम्मति से बाबूराम हेम्ब्रम को आसेका प्रखंड अध्यक्ष चुना गया। उपाध्यक्ष के पद पर जोगेन मुर्मू, सचिव के पद पर बुद्धदेव हेम्ब्रम, सहसचिव के रूप में मानिक टुडू का चयन किया गया। सांस्कृतिक सचिव के पद पर धानेश्वर हेम्ब्रम, संरक्षक के रूप में अनील हांसदा और सह संरक्षक के रूप में शिवलाल सोरेन को जिम्मेदारी सौंपी गई।
वक्ताओं ने बताया कि आसेका बिहार संस्था आदिवासी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य मातृभाषा संथाली में अलचिकी लिपि के माध्यम से कक्षा प्रथम से लेकर स्नातक स्तर तक शिक्षा को बढ़ावा देना है, ताकि समाज के छात्र उच्च पदों तक पहुंच सकें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति गठन के बाद प्रत्येक गांव में संपर्क स्थापित किया जाएगा। अलचिकी लिपि से संबंधित सरकारी विद्यालयों में कक्षा प्रथम से उच्च शिक्षा तक अलचिकी शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर पहल की जाएगी।
जानकारी दी गई कि अलचिकी लिपि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। भारत का संविधान संथाली अलचिकी भाषा में प्रस्तुत किया जा चुका है, जिसे 25 दिसंबर 2025 को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुत किया था। इससे आदिवासी समाज में उत्साह है और अलचिकी लिपि के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
बैठक में आदिवासी सांवता सेचेद् लेक्चर सेंमलेद् बिहार संस्था के महासचिव राजेश किस्कू और पोठिया मांडेर मांझी थाना अध्यक्ष शिवलाल सोरेन सहित अन्य लोग मौजूद थे।





























