किशनगंज /विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत डाकपोखर पंचायत के वार्ड संख्या 3 स्थित ठोवापारा से भादू हरिजन के घर होते हुए उच्च माध्यमिक विद्यालय बेणुगढ़ तक जाने वाली लगभग चार किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क वर्षों से ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। यह सड़क क्षेत्र के दर्जनों परिवारों के लिए मुख्य आवागमन का साधन है, लेकिन बरसात के मौसम में कीचड़, गड्ढों और जलजमाव के कारण यह पूरी तरह जानलेवा साबित हो रही है।
सड़क की बदहाली के चलते किसानों, मजदूरों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश होते ही सड़क पर जगह-जगह पानी भर जाता है, जिससे फिसलन बढ़ जाती है और पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।
स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में काफी जोखिम उठाना पड़ता है। कई बार बच्चे गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। वहीं, आपात स्थिति में बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि चार पहिया या एम्बुलेंस का इस रास्ते से गुजरना लगभग असंभव हो जाता है।
किसानों का कहना है कि फसल की उपज बाजार तक ले जाने में भी काफी दिक्कत होती है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।ग्रामीण चमन लाल हरिजन, राजेश हरिजन, पप्पू हरिजन, कमल सिंह, ओम प्रकाश सिंह, मसानी देवी, मुकेश हरिजन, करण हरिजन, मु. बुधनी देवी, गणेश हरिजन, भद्दू हरिजन, प्रदीप गिरी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर वे कई बार पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड, जिला और संबंधित विभागों तक आवेदन दे चुके हैं। बा
वजूद इसके आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के बीच-बीच में छोटी नालियां और पुलिया नहीं होने के कारण बरसात का पानी निकल नहीं पाता और पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है।
ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी किशनगंज श्री विशाल राज से इस गंभीर समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस सड़क का जल्द पक्कीकरण नहीं कराया गया तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है। साथ ही ग्रामीणों ने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल से भी इस सड़क को प्राथमिकता में लेते हुए पक्की सड़क एवं आवश्यक पुलिया निर्माण कराने की अपील की है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बन जाने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार कब तक ग्रामीणों की इस वर्षों पुरानी मांग पर ठोस कदम उठाती है।
कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ है। प्रस्तावित कार्य के लिए डीपीआर तैयार करने हेतु रोस्टर बनाया जा रहा है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होते ही शीघ्र ही इस दिशा में आवश्यक पहल कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।




























