टेढ़ागाछ/विजय कुमार साह
सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान (ईज ऑफ लीविंग)” कार्यक्रम के तहत बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निष्पादन को लेकर ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह ने सभी विद्युत आपूर्ति अंचल कार्यालयों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक प्रभावी व संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया।
ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 19 जनवरी से प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को सभी प्रमंडल, अवर प्रमंडल एवं प्रशाखा कार्यालयों में अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई करेंगे और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। निर्देशानुसार, सोमवार को दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक तथा शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
इस व्यवस्था के तहत विद्युत कार्यपालक अभियंता अपने-अपने डिवीजन कार्यालय में, सहायक विद्युत अभियंता सब-डिवीजन कार्यालय में तथा कनीय अभियंता संबंधित सेक्शन कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। उपभोक्ता अपनी बिजली आपूर्ति, बिलिंग, मीटर, लो-वोल्टेज, फॉल्ट, नए कनेक्शन सहित अन्य समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल बहादुरगंज ने बताया कि ऊर्जा सचिव श्री मनोज कुमार सिंह के निर्देशानुसार प्रत्येक सप्ताह के दो कार्यदिवस—सोमवार और शुक्रवार—को सभी कार्यालयों में उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों का विधिवत पंजीकरण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को उपभोक्ताओं से शालीन व सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने, उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने और त्वरित निराकरण करने का निर्देश दिया।
साथ ही सभी कार्यालयों में उपभोक्ताओं के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को अनिवार्य बताया गया।यह पहल बिजली उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाएगी। सात निश्चय-3 के तहत राज्य सरकार का उद्देश्य नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं को कम कर बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




























