व्यंग्य :बिहारी -बंगाली -डॉ सजल प्रसाद
बिहारी-बंगालीव्यंग्य / डॉ. सजल प्रसाद••••••••••••••••••••••••••••••••• किसी भी बॉर्डर पर रहने वाले लोगों की मनःस्थिति सरहद से दूर रहने वाली जनता से भिन्न होती है। सरहदी लोग प्रायः उभयलिंगी हो जाते हैं। यानी इस पार भी और उस पार भी। अब ये बॉर्डर दो राज्यों का हो या दो जिलों का अथवा दो थाना क्षेत्रों का … Read more