पलटी मार (चाचा- भतीजा)

कुमार राहुल ‘ चिराग दिल का जलाओ बहुत अंधेरा है ‘राजनीति में उच्च पदों पर बैठे नेता चराग दूसरों के लिए नहीं जलाते, वरना उनका घर खुद अंधकार में डूब जाएगा ।भाई रामविलास पासवान के मरने के साथ ही, पशुपतिनाथ पारस ने समझ लिया था, कि अब चिराग पासवान का राजनैतिक रसूख का चिराग बुझाने … Read more

करिश्मा से कोरोना तक,मिशन-2022

कुमार राहुल यह किसी करिश्मे से कम नहीं था, कि एक 47 सीटों  वाली पार्टी अचानक 320 सीट से अधिक जीतकर उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज होती है ।1997 से 2002 तक चली भाजपा की सरकार में 3 मुख्यमंत्री रहे हैं ,और 15 साल के इंतजार के बाद 2017 में योगी आदित्यनाथ भाजपा के … Read more

जिम्मेदार कौन ?
(कोरोना /मोदी) -कुमार राहुल की कलम से

हमीरपुर (कानपुर ,उत्तर प्रदेश) यमुना नदी में 12 लाशें तैरती मिली ,पुलिस रिपोर्ट में सभी लाशें कोरोना पीड़ितों की थी ,मध्य प्रदेश की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के 13 गांव का एक अखबार ने जायजा लिया। ललितपुर जिले में अचानक लोग सर्दी ,खांसी, जुकाम से मर रहे हैं ।इनमें से किसी लोगों का आरटीपीसीआर,या … Read more

सरस्वतीचंद्र -डॉ सजल प्रसाद

कल शाम 4 बजे जब लिखना शुरू करना चाहा तो, मन-मस्तिष्क में कुछ भी नहीं था। कहीं कुछ सोच भी नहीं पा रहा था। लेकिन, रचना का प्लॉट हमारे आसपास ही होता है। मैंने यूँ ही फेसबुक खोला तो मेरी नज़र किसी मित्र के स्टेटस पर पड़ी। मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट के संदर्भ में उन्होंने … Read more

विशेष :देश विदेश में अचानक से आगजनी की घटनाएं क्यों बढ़ गई..

लेखक /गर्ग जी 15 जनवरी 2021 को एस्ट्रोलॉजर गर्गजी ने टिवीटर @Radhe Numerology पर एक पोस्ट के माध्यम से भविष्यवाणी की 15 जनवरी  से 20 जनवरी के बीच देश व विदेश में अग्नि से बड़ी हानि होने योग बने हुये है। उन्होंने लोगों को आगाह भी किया था कि इस दौरान सावधानी बरतें और सुरक्षित … Read more

सार्वजनिक जीवन में मर्यादा से रहें

डॉ गायत्री दीक्षित जिस प्रकार किसी को मनचाही स्पीड में गाड़ी चलाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि रोड सार्वजनिक है। ठीक उसी प्रकार किसी भी लड़की को मनचाही अर्धनग्नता युक्त वस्त्र पहनने का अधिकार नहीं है क्योंकि जीवन सार्वजनिक है। एकांत रोड में स्पीड चलाओ, एकांत जगह में अर्द्धनग्न रहो। मगर सार्वजनिक जीवन में नियम … Read more

विशेष ! कुत्ता कुत्ते का मांस नहीं खाता

राजेश दुबे कहते है कुत्ता कुत्ते का मांस नहीं खाता ।लेकिन वर्तमान दौर में सारी नैतिकता ,मर्यादा को ताक पर रखते हुए लोक तंत्र के चौथे खंभे के कुछ पहरेदारों  को  प्रतिस्पर्धा और लाभ का ऐसा चस्का लगा है कि अब वो मांस तो क्या हड्डियों को भी चबा जाना चाहते है । एक निजी … Read more