शिक्षकों और शिक्षाविदों को मिला गौरवपूर्ण सम्मान
नई दिल्ली /प्रतिनिधि
मंगलवार को दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2025 का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा सम्मेलन में देशभर से चयनित उत्कृष्ट शिक्षकों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं की उपस्थिति रही।
बता दे कि इस सम्मेलन में संपूर्ण बिहार से आठ राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्तकर्ता शिक्षकों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दी। किशनगंज से कुमारी गुड्डी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्तकर्ता शिक्षिका ने इस सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर जिले को गौरवान्वित किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि “शिक्षा ही भारत के भविष्य की नींव है और शिक्षकों का योगदान अमूल्य है।” उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के माध्यम से हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना की और शिक्षकों से नवाचार व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
इस ऐतिहासिक समागम की अध्यक्षता भारत के शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के शैक्षिक भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच है।” उन्होंने शिक्षकों को ‘राष्ट्रीय निर्माण के मार्गदर्शक’ बताते हुए सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन किया।
देशभर से आमंत्रित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक, नवाचारी शिक्षक एवं शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले विशेषज्ञों को इस मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई विचार सत्र, प्रदर्शनी, नवाचार प्रस्तुति और संवाद सत्र भी आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले शिक्षकों ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया और इस अवसर को ‘शिक्षा जगत के लिए प्रेरणास्त्रोत’ कहा।