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कानूनों में बदलाव को लेकर पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

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किशनगंज /प्रतिनिधि

हत्या मतलब धारा 302 और धोखाधड़ी मतलब धारा 420, बलात्कार का मतलब धारा 376 लगभग सभी जानते हैं।लेकिन अब एक जुलाई से हत्या का मतलब धारा 302 नहीं बल्कि धारा 103 और धोखाधड़ी का मतलब धारा 420 नहीं, बल्कि धारा 316 वहीं बलात्कार का मतलब धारा 376 नहीं बल्कि धारा 63 होगा। दरअसल अपराध और न्याय प्रणाली से जुड़े भारत के 3 कानूनों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

इस बदलाव के बाद अपराध से संबंधित धाराओं,उनकी विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने मिलेगा। ब्रिटिशकाल से चले आ रहे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) ,भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। अब इन कानूनों के नए नाम भी होंगे जिनमें भारतीय कानून संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता नए नाम हो जाएंगे।

इन कानूनों के एक जुलाई से लागू होने से पहले किशनगंज में पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।ताकि अपराधिक विवेचना में कोई गलती ना हो। किशनगंज सदर थाना स्थित पुलिस सभागार भवन में सोमवार से नई कानून को लेकर प्रशिक्षण शुरू किया गया।प्रशिक्षण एसपी सागर कुमार की मौजूदगी में दिया गया।जिसमें यह बताया गया की कानून की धाराओं में कुछ बदलाव किए जा रहे है।

कई धाराओं को हटाया गया है।जिन धाराओं की आवश्यकता है वे ही कार्य मे लाये जाएंगे।इसे लेकर किशनगंज पुलिस भी नए कानून को बेहतर तरीके से समझ रही है।ताकि इसे कार्य क्षेत्र में अच्छी तरह से उपयोग में लाया जाए।प्रशिक्षण तीन चरणों मे दिया जाएगा।जिसमें जिलेभर के सभी स्तर के पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाना है।

जिसकी शुरुआत सोमवार को की गई।एसपी सागर कुमार ने कहा कि कानून ने कुछ बदलाव किए गए हैं।जो 1 जुलाई से लागू होगी।इससे पूर्व ही जिले भर के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।कुछ धाराओं को नए नाम भी दिए गए हैं।

कुछ अपराध सजा बढ़ाई गई है तो कुछ में कम की गई है।एसपी ने कहा कि नए कानून में डिजिटल साक्ष्य पर विशेष जोड़ दिया गया है।एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नए कानूनों को अच्छे से समझ लें।आपके लिए धाराओं को जानना बहुत जरूरी है।इसे प्राथमिकता के रूप में लें।

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