बांध का मरम्मत नहीं होने से मंदिर पर मंडराया कटाव का संकट,ग्रामीण परेशान

SHARE:

किशनगंज /टेढ़ागाछ /विजय कुमार साह

टेढ़ागाछ प्रखंड अन्तर्गत भोरहा पंचायत के फुलबरिया बाजार जो नदी किनारे बसा है। यह बाजार प्रखंड के बाजार में सबसे मुख्य बाजार है। व्यापार के लिये सबसे ज्यादा भीड़ इसी बाजार में होती है। प्रखंड के व्यापार का केंद्र माना जाने वाला यह बाजार कई वर्षों से नदी कटाव का दंस झेल रही है। कटाव में इस बाजार का आधा से अधिकतर हिस्सा नदी में विलीन हो गया, और बचे हुए हिस्से को बचाने की जद्दो-जहद चल रही है। यहा करीब सौ साल से स्थापित मां दुर्गा की भव्य मंदिर है जो लगभग बीस वर्ष पहले नदी में समा चुकी थी, लेकिन बांध निर्माण होने के बाद इस मंदीर को पुन: स्थापित किया गया ।






फिर अब बांध की स्थिति ऐसी हो चुकी है, कि मंदि कब नदी में समा जाए कुछ पता नही। नदी किनारे बसे कई घर नदी में विलीन हो गए। कई लोग तो ऐसे है जिनका घर नदी में समाने के बाद उनके पास सिर छिपाने की भी जगह नही रही। विजेंद्र साह ने बताया कि जब भी बाढ़ आती है स्थानीय लोग खुद ही अपने घरों को बचाने में जुट जाते है ना तो इन्हे अधिकारियो की तरफ से मदद मिलती है और ना ही जन प्रतिनिधियो की तरफ से । जनप्रतिनिधियो के द्वारा हर बार बाढ़ के पूर्व बैठक कर ली जाती है और फिर बाढ़ के समय बाढ़ग्रस्त इलाको का केवल भ्रमण कर अपनी राजनीती को चमकाने के आलावा कुछ नही की जाती। स्थानीय निवासी जगमोहन तिवारी,रूपचन्द अग्रवाल,अशरफ अली, विजेंद्र साह, शिव साह, रवि सेना, भारत जैन,सहजादा अंसारी आदि ने बताया कि पिछली बार जैसे तैसे हमारे घर बच गए लेकिन इसबार अगर समय रहते बांध के मरम्मत का काम नही किया गया तो हमारे आशियाने उजड़ जाएंगे।






सबसे ज्यादा पड़ गई