कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लेना जरूरी, मिलती है ज्यादा सुरक्षा

SHARE:

• प्रतिरोधक क्षमता बनने में लगता है दो से चार हफ्ते का समय
• टीकाकरण के प्रति आमजनों में आया आत्मविश्वास
• सोशल मीडिया के माध्यम से डब्ल्यूएचओ ने जारी किया संदेश

छपरा /प्रतिनिधि

कोविड को हराने में टीकाकरण एक महत्वपूर्ण हथियार है। अभी शहरी क्षेत्र को पूरी तरह से टीकाकृत (वैक्सीनेटेड) करने का अभियान भी चलाया जा रहा है। वैशाली जिले में भी शहरी आबादी को टीकाकृत किया जा रहा है। टीका लेने से लोगों में आत्मविश्वास तो आया है, पर अभी भी उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि डब्ल्यूएचओ ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी किया है। जिसमें वह लोगों को आगाह कर रहा है। पोस्टर के माध्यम से डब्ल्यूएचओ कहता है कि हमें टीके के सभी डोज लेने चाहिए क्योंकि उसके बाद हममें उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा। अगर आपने दो डोज वैक्सीन के लिए हैं तो सेकेंड डोज के बाद इम्युनिटी बनने में दो से चार हफ्तों का वक्त लग सकता है। इस लिहाज से भी डब्ल्यूएचओ टीकों के सारे डोज लेने की सलाह देता है।







दूसरी डोज के बाद बढ़ जाती हैं टी-कोशिकाएं:


सिविल सर्जन डॉ. जेपी सुकुमार ने कहा कि वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद एंटीबॉडीज के उन अंशों का भी विकास हो जाता है जो सामान्य तौर पर पहली खुराक के बाद नहीं बन पाती हैं। वैक्सीन की पहली डोज सामान्य तौर पर शरीर को मजबूत करता है। वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि करता है पर दूसरे शॉट के बाद एंटीबॉडीज के स्तर में कई गुना तक वृद्धि देखने को मिली है। कई अध्ययनों में भी पाया गया कि पहली डोज के बाद दूसरे डोज में एंटीबॉडी में मौजूद टी- कोशिका का निर्माण तेजी से हुआ जो संक्रमण को फैलने से रोकता है। टी-कोशिकाओं को किलर कोशिकाओं के रूप में भी जाना जाता है जो शरीर में संक्रमित कोशिकाओं को ढूंढकर उन्हें नष्ट कर देती हैं, इससे संक्रमण पूरे शरीर में नहीं फैलने पाता है।

सुरक्षा के लिए दोनों खुराक हैं जरूरी :


जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी रफ्तार थमी जरूर है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित रहने के लिए कोरोना बचाव के दोनों टीके लगवाने जरूरी हैं । यूं तो शहर से लेकर ग्रामीणों में टीकाकरण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए जा रहे लक्ष्य से अधिक लोग टीका लगवा रहे हैं।






दोनों डोज लगने के बाद हीं हो पायेंगे सुरक्षित:
सिविल सर्जन डॉ. जेपी सुकुमार ने कहा कि विभाग की प्राथमिक लोगों को दूसरी डोज देकर महामारी से सुरक्षित करना है। लोग दूसरी डोज जरूर लगवाएं, दोनों डोज लगने के बाद ही कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमता मिलेगी। दोनों डोज लगने के बाद ही आप पूर्ण तरह सुरक्षित रह पाएंगे।

ऐसे रोकें संक्रमण का प्रसार:
• एक साथ 2 मास्क का प्रयोग करें
• आंतरिक स्थानों पर वायु संचार सुनिश्चित करें
• दूरी बनायें रखने का हरसंभव प्रयास करें
• साबुन से नियमित हाथ साफ़ करते रहें
• कोविड मरीजों को अलग कमरे में रखें
• सतहों को नियमित रूप से कीटाणुनाशकों से नियमित रूप से साफ़ करें






आज की अन्य खबरें पढ़े ;




सबसे ज्यादा पड़ गई
error: Content is protected !!