टेढ़ागाछ/(विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत कई पंचायतों के महादलित बहुल टोले रेतुआ नदी के उफान और कटाव से गंभीर संकट में हैं। चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित कोठीटोला देवरी गांव में बड़ी संख्या में महादलित परिवार रहते हैं, जिनका जीवन अब नदी के कटाव और बाढ़ के खतरे से प्रभावित हो रहा है। इसी तरह झुनकी मुसहरा पंचायत के हाथीलद्दा गांव और भोरहा पंचायत के कई गांव भी रेतुआ नदी की तेज धार के चपेट में आ चुके हैं।
नेपाल की तराई क्षेत्र में हो रही लगातार भारी वर्षा के चलते रेतुआ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे धवेली पंचायत के लोधाबाड़ी, दर्जन टोला, हवाकोल पंचायत का महादलित टोला और खजूरबाड़ी जैसे निचले इलाके जलसंकट की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों में लोग बाढ़ और कटाव से भयभीत हैं, कई परिवारों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर दी है।
सोनू कुमार मांझी,निशा कुमारी,राधा देवी,अमर लाल माझी,राम लाल भांझी,पालन झा,भीम झा,लालन झा,अमेरीका देवी,ग्रामीणों का कहना है कि रातों की नींद हराम हो गई है, नदी का पानी लगातार किनारे को काट रहा है और प्रशासन अब तक मौके पर नहीं पहुंचा है। न तो कोई राहत शिविर की व्यवस्था की गई है, न ही बाढ़ नियंत्रण की कोई पहल दिख रही है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से मांग की जा रही है कि प्रभावित इलाकों का तत्काल सर्वे कर राहत और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की जाए। यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ तो यह आपदा गंभीर मानवीय संकट में बदल सकती है। इस संबंध में सीओ शशि कुमार ने बताया कि नदी किनारे बसे गांवों को चिन्हित कर संबंधित विभाग को भेजा गया है और बाढ़ से बचाव को लेकर तमाम तैयारी की जा चुकी है।