किशनगंज /विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, कुवाड़ी में 4 मई से 8 मई तक भारत स्काउट एवं गाइड के तत्वावधान में बालक-बालिका प्रशिक्षण सह परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में प्रखंड के विभिन्न उच्च माध्यमिक एवं प्लस टू विद्यालयों के कुल 430 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को बाढ़ आपदा, सांप के काटने तथा सड़क दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी बचाव के उपाय खेल-खेल के माध्यम से सिखाए जा रहे हैं।
जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) सुशील कुमार गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता एवं सेवा भावना का विकास करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को आपदा के समय घबराने के बजाय सूझबूझ से कार्य करने के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वे अपने साथ-साथ समाज के अन्य लोगों की भी सहायता कर सकें।
प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा पदाधिकारी सह अध्यक्ष, भारत स्काउट एवं गाइड, किशनगंज के निर्देशानुसार वार्षिक बाल कैलेंडर 2026-27 के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। जारी निर्देश में जिले के सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण सह परीक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इससे लाभान्वित हो सकें।
साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त स्काउट एवं गाइड सदस्यों को विभिन्न शिविरों में प्रतिनियोजित करने का भी निर्देश दिया गया है।निर्देश के अनुसार, विद्यालय प्रधानाध्यापक अपने-अपने स्तर से छात्र-छात्राओं को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं तथा शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर शिविर की सफलता सुनिश्चित कर रहे हैं। साथ ही आसपास के निजी एवं सरकारी विद्यालयों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण का दायरा और व्यापक हो सके।शिविर के दौरान प्रवेश एवं प्रथम सोपान स्तर के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसके लिए प्रति छात्र-छात्रा 50 रुपये पंजीयन शुल्क तथा स्कार्फ एवं बैज के लिए 30 रुपये निर्धारित किए गए हैं। छात्र-छात्राएं विद्यालय ड्रेस या स्काउट-गाइड वर्दी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक रघुवेंद्र तिवारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे और प्रशिक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम को लेकर छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है और वे पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।


























