किशनगंज/विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के हाटगांव पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन हाटगांव में मंगलवार को बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित निर्माण श्रमिक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 मार्च से 7 अप्रैल तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करना था।कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्रम अधीक्षक किशनगंज राम विलास राम ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से श्रमिकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, जिससे वे आधुनिक तकनीकों के अनुरूप कार्य कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रमिकों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें सशक्त किया जाए।
वहीं श्रम परिवर्तन पदाधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कौशल विकास ही श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे श्रमिकों से अपील की कि वे सीखे गए कौशल का उपयोग कर अपने भविष्य को बेहतर बनाएं तथा अन्य लोगों को भी इस तरह के कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
यह प्रशिक्षण आरपीएल केंद्र के तहत पंचायत सरकार भवन, हाटगांव, टेढ़ागाछ में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम “राजमिस्त्री (Mason)” रखा गया था, जिसमें प्रतिभागियों को भवन निर्माण से संबंधित आधुनिक तकनीकों, सुरक्षा उपायों एवं कार्य की गुणवत्ता सुधारने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण प्रदाता संस्था इनोउस एडुट्रेन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक दोनों प्रकार की जानकारी दी गई, जिससे वे अपने कार्य क्षेत्र में दक्षता के साथ कार्य कर सकें। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों में उत्साह देखा गया और उन्होंने इस पहल के लिए सरकार एवं संबंधित विभाग का आभार व्यक्त किया।


























