टेढ़ागाछ हॉल्ट से पटना–दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा की मांग तेज

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सीमावर्ती क्षेत्र के विकास और सुगम आवागमन के लिए उठी आवाज।

टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह

बिहार के बिहार राज्य के किशनगंज जिले अंतर्गत टेढ़ागाछ क्षेत्र के निवासियों ने टेढ़ागाछ हॉल्ट से पटना और दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग तेज कर दी है। सीमावर्ती और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस इलाके में वर्तमान में रेल सुविधाएं अत्यंत सीमित हैं, जिससे आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि टेढ़ागाछ हॉल्ट से होकर केवल सिलीगुड़ी– कटिहार इंटरसिटी एक्सप्रेस का ही नियमित परिचालन हो रहा है, जो सभी छोटे स्टेशनों और हॉल्टों पर रुकती है। इसके अलावा लंबी दूरी की कोई भी ट्रेन यहां नहीं रुकती। परिणामस्वरूप पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों की यात्रा करने के लिए यात्रियों को लगभग 50 किलोमीटर दूर अन्य स्टेशनों—किशनगंज या अररिया—तक जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है।


छात्रों, मरीजों और श्रमिकों को हो रही परेशानी


पटना राज्य की प्रशासनिक और शैक्षणिक राजधानी है, जहां उच्च शिक्षा, सरकारी कार्य एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए क्षेत्र के लोगों का नियमित आना-जाना लगा रहता है। वहीं रोजगार और व्यापार के सिलसिले में बड़ी संख्या में लोग दिल्ली प्रवास करते हैं। सीधी रेल सेवा नहीं होने के कारण छात्रों, मरीजों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि टेढ़ागाछ को स्टेशन का दर्जा देने के बजाय हॉल्ट के रूप में विकसित किया गया, जिससे यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

यदि इसे पूर्ण स्टेशन का दर्जा मिलता तो टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, शौचालय एवं सुरक्षा जैसी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध होतीं।18 स्टेशनों के बावजूद सीमित ट्रेन सेवा सिलीगुड़ी, ठाकुरगंज, बीबीगंज और टेढ़ागाछ होते हुए अररिया तक लगभग 18 स्टेशन और हॉल्ट पड़ते हैं, लेकिन केवल एक ही ट्रेन का नियमित ठहराव है। ट्रेन परिचालन शुरू हुए कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है और न ही लंबी दूरी की किसी एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू किया गया है।

सीमावर्ती क्षेत्र के विकास से जुड़ा मुद्दा टेढ़ागाछ भारत-नेपाल सीमा से सटा क्षेत्र है, जो सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि यहां से पटना और दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू होती है, तो इससे न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

छोटे व्यापारियों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पाद बाहर भेजने में सहूलियत होगी।लोगों ने रेल मंत्रालय एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि इस पिछड़े और संवेदनशील क्षेत्र की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। टेढ़ागाछ से पटना और दिल्ली के लिए रेल सेवा की शुरुआत केवल सुविधा का प्रश्न नहीं, बल्कि क्षेत्र की समग्र प्रगति और सुदृढ़ विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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