शायरी:न पूछ ज़ालिम के कैसी गुज़री है रातें,पढ़े चुनिंदा और बेहतरीन शायरी

तेरे दीदार की हसरत लिए फिरते हैं,हम तन्हा दिल में मोहब्बत लिए फिरते हैं।न पूछ ज़ालिम के कैसी गुज़री है रातें,तेरी यादों की चादर लिए फिरते हैं। तेरे नाम से महक उठे हैं गुलशन सारे,तेरे साए में ही गुज़रे हैं मौसम हमारे।तू ना मिला तो क्या, शिकवा नहीं हमको,तेरी यादें ही हैं अब साज़-ए-दिल हमारे। … Read more

पहला प्यार

पहली बार जब नज़र मिली,जैसे थम गई थी ये धड़कन,न कोई शब्द, न कोई आवाज़,बस दिल की बातें थीं अनजानी। हवा में घुली थी मिठास कोई,फिज़ाओं में रंग नया था,तेरी झलक में थी जादूगरी,हर लम्हा मेरा तेरा हुआ था। छोटी-छोटी बातों में हंसी,अनजाने एहसासों की झनकार,तेरी हल्की छुअन से जागे,दिल में छुपे कोमल अरमान। चुपके … Read more

तेरे नाम

तेरे नाम की रोशनी से,हर अंधेरा मिट जाता है।तेरी मुस्कान की छांव में,हर दिल सुकून पाता है। तेरे नाम का जिक्र जब होता है,फिज़ाओं में खुमारी छा जाती है।तेरी यादें जब दिल में आती हैं,जिंदगी में बहार सी छा जाती है। तेरे नाम का हर अक्षर,जैसे गीत कोई गुनगुनाता है।तेरे बिना ये जीवन,सूना-सूना सा रह … Read more

बेरुखी

बेरुखी का ये कैसा मंजर है,जहां चाहत भी अब बेअसर है।कल तक जो लफ्ज़ फूल थे,आज उनकी जगह खंजर है। जिन निगाहों में था प्यार कभी,अब वो पराए से लगते हैं।जिन होंठों पर थीं दुआएं मेरी,अब वो शिकवे बयां करते हैं। खामोशियां बोलने लगी हैं,फासले गहरी चोट देने लगे हैं।तन्हाई का ये सफर कैसा है,जहां … Read more

हिंदी कविता: चाहत

चाहत है तुम्हें पास बुलाने की,एक हसीन ख्वाब सजाने की।तुम्हारे संग हर लम्हा बिताने की,तुम्हारे संग एक दुनिया बसाने की। चाहत है तुम्हारी बातों में खो जाने की,तेरी हंसी में खुद को पाने की।तुम्हारे संग हर राह पर चलने की,तेरे दर्द को अपना कहने की। तुम्हारे संग हर एक पल संजोने की,तेरे हर एहसास में … Read more

सूरजापुरी कविता :???? रोपा रोपनी ????

रोपा रोपनी (सुरजापुरी कविता) हर साल सावन महीनारएकटा सुंदर परब छे धान रोपनीसुनाछी आज तुमसाक बिच्चन से लेलहलहाता धानेर, रोपा रोपनीर कहानी। आषाढ़ खत्म होबार साथसावन ले ओसछे रोपा रोपनीर सौगातझम-झम करे जब मेघ बरसेछेतब सुनहरा खेतोत, अन्नदाता रोपा रोपछे। कादोत जब किसानेर सोनार पाँव ला सानछेतब खेतोत बस धानेर बेहोन नज़र ओसछेजैसा देवालीत आर … Read more

हथेली पर रखकर नसीब तू क्यों अपना मुकद्दर ढूंढता है -कमल कोठारी 

किशनगंज निवासी कमल कोठारी जनता दल यूनाइटेड व्यवसाई प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के साथ ही मारवाड़ी युवा मंच बिहार प्रांत के उपाध्यक्ष का दायित्व है। आप सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के साथ ही एक अच्छे वक्ता है । आइए पढ़े उनकी तीन बेहतरीन शायरी कुछ लोग मेरे शब्दों से मेरे अंदर … Read more

हिंदी शायरी !प्रेम शायरी ! शायरी 

कैसे कह दू इश्क़ नहीं है तुमसे मेरे लिए इश्क़ का मतलब ही तुम हो!!! —– चलो मर जाते है तुम पर, बताओ दफनाओगे अपने सीने मै !! —— जिसे सोच कर ही चहरे पर ख़ुशी आ जाये वो खूबसूरत एहसास हो तुम ! —- ये जो मेरे अलावा तुम पर मरते है वो मर … Read more

सितारों की रात 

   गर इंतज़ार तेरा   बने मेहरबान     ता उम्र बैठूँ में     इंतज़ार में तेरी         तेरी चाल हवा ना बताये         खुशबु छीने फूलों की           उमड़ जाये सारी खुशियां       गर तेरा आना        निश्चित हो जाये          आरजू तेरी … Read more

तुझको चाहा था मैंने तुझे भूलाता कैसे

तुझको चाहा था मैंने तुझे भूलाता कैसे मुझको तेरा न होने का ग़म मिटाता कैसे  मैंने हर रात किया हैं बस याद तुझी को  ख़्वाबों में भी नहीं मिलता दिखाता कैसे  तुमने हर वक्त तो फासले ही रखें हमसे तुमने चाहा ही नहीं रब हमें मिलाता कैसे उसकी आंखों ने पहले ही जुल्म ढाए है … Read more