कविता :लड़की

एक दिन समटते हुए अपने खालीपन कोमैंने ढूँढा था उस लड़की को,जो भागती थी तितलियों के पीछेसँभालते हुए अपने दुपट्टे कोफिर खो जाया करती थीकिताबों के पीछे, गुनगुनाते हुए ग़ालिब की कोई ग़ज़लअक्सर मिल जाती थी वो लाईब्ररी में,कभी पाई जाती थी घर के बरामदे मेंबतियाते हुए प्रेमचंद और शेक्सपियर से, कभी बारिश में तलते … Read more

बेहतरीन शायरी :पढ़े एक से एक बेहतरीन शायरी

मुहब्बत छोड़ के हर एक जुर्म कर लेना, वरना तुम भी मुसाफिर बन जाओगे तन्हा रातों के ……..…. जिस्म चन्दन, सांस  खुशबू, आंख बादल हो गयी आपसे घुलकर हमारी रूह पागल हो गयी  तुम्हें रात दिन हम पुकारा करेंगे, ऐसे ही बस हम गुजारा करेंगे •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आओगे एक दिन यकीं है मुझे,हम इतंजार यूं ही … Read more

ग़ज़ल :काटते क्यू नही बगावत का सर जो ये उठ रहा हिमाकत का

काटते क्यू नही बगावत का सर जो ये उठ रहा हिमाकत का आज भी घूमते फिरे शातिर बंद है दरवाजा अदालत का जोश जाने कहां चला जाता काम कुछ भी ना हो शराफत का शर्म आती नहीं हैवा बनकर रंग बस दिख रहा सियासत का मांगते अब तो बस खुदा से ये माजरा थम जाए … Read more

जब कोई दिल से दिल की धड़कन सुनाता है

जब कोई दिल से दिल की धड़कन सुनाता हैखुद भी महकता है और दूसरो को महकाता है।। ख्वाबों में अधरो पर हंसी का आना सुहाता हैबनकर नगमा कोई खुशी के गीत गाता है।। जिंदगी की राहें हसीन और अनमोल होती हैंप्यार वफ़ा के दो बोल दिल को दे जाता है।। सदा आबाद रहे मुहब्बत का … Read more

शायरी : इश्क

इश्क़ इल्ज़ाम है हम पर हम इश्क़ में वफ़ा की हद पार कर गएगुनाह ये है किहम बस…मोहब्बत बेहिसाब कर गए। सौदा घाटे का था पर क्या ही कर गए हम बस…इश्क में बदनाम सरे आम हो गए। उसे देखे बिना न जीए न मर ही गए।हम बस …कभी ग़ालिब कभी गुलज़ार होके रह गए। तुझसे रूबरू होने के क़िस्सेकहानियों में … Read more

कविता :प्रेम केवल आलिंगन नहीं है

कविता /डेस्क प्रेम केवल आलिंगन नहीं हैचुम्बन नहीं हैं वह केवलये कहना भी प्रेम नहीं हैकि मैं तुमसे करता हूँ प्रेम प्रेम तो सिर्फ़ एक स्मृति हैजो उस थोड़ी झुकी हुई बेंच के रूप में है दर्जहमारे भीतरजहाँ कही बैठे थे हमउन सीढ़ियों की स्मृति के रूप मेंजहाँ कहीं बैठकर हमने पी थी चाय कभीअपने … Read more