देश /डेस्क
अग्निपथ योजना को लेकर जहा राजनीति तेज हो गई है वही तीनो सेनाओं द्वारा आज साझा बयान जारी कर कहा गया की अग्निपथ योजना वापस नही होगी और अब जो भी भर्ती होगी वो अग्निपथ योजना के तहत ही होगी ।एयर मार्शल एसके झा ने अपने बयान में कहा की भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह एक ऑनलाइन सिस्टम है।उन्होंने कहा उसी के तहत उसपर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा।
एक महीने बाद 24 जुलाई से फैज-1 ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी ।श्री झा ने कहा की दिसंबर के अंत तक अग्नवीर के पहले बैच को वायुसेना में शामिल कर लेंगे। 30 दिसंबर से पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी ।वही नौसेना के वाइस एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने कहा की नौसेना में हम महिला अग्निवीर भी ले रहे हैं। उसके लिए हमारी ट्रेनिंग में जो संशोधन करना है उसके लिए काम शुरू हो चुका है।उन्होंने कहा की हमें 21 नवंबर का इंतजार है, मुझे आशा है कि महिला और पुरुष अग्निवीर आईएनएस चिल्का पर रिपोर्ट करेंगे।
श्री त्रिपाठी ने कहा हमने अपनी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 25 जून तक हमारा एडवरटाइजमेंट सूचना और प्रसारण मंत्रालय में पहुंच जाएगा। एक महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 21 नवंबर को हमारे पहले अग्निवीर हमारे ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेंगे ।
वही सैन्य मामलों के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। किसी ने कभी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे । श्री पूरी ने कहा देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा साथ ही ‘अग्निवर’ को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती है।
उन्होंने कहा की सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा । श्री पूरी ने कहा की हमारे साथ जो अग्निवीर में जुड़ना चाहता है वो प्रतिज्ञा लेगा कि उसने किसी प्रदर्शन या तोड़फोड़ में हिस्सा नहीं लिया। श्री पूरी ने कहा की फौज में पुलिस वेरिफिकेशन के बिना कोई नहीं आ सकता। इसलिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अनुरोध है कि अपना समय खराब न करें ।




























