कविता :प्रेम केवल आलिंगन नहीं है
कविता /डेस्क प्रेम केवल आलिंगन नहीं हैचुम्बन नहीं हैं वह केवलये कहना भी प्रेम नहीं हैकि मैं तुमसे करता हूँ प्रेम प्रेम तो सिर्फ़ एक स्मृति हैजो उस थोड़ी झुकी हुई बेंच के रूप में है दर्जहमारे भीतरजहाँ कही बैठे थे हमउन सीढ़ियों की स्मृति के रूप मेंजहाँ कहीं बैठकर हमने पी थी चाय कभीअपने … Read more