राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष : प्रसिद्ध कवयित्री निधि चौधरी की ‘रावण का वध स्वयं करूंगी’ सहित तीन बेहतरीन रचनाएं पढ़े

(1) रावण का वध स्वयं करूँगी चलना सड़कों पर भी अब मुहाल हुआ,कुचले पुष्प सा तेरा हाल हुआ,खुद की खुशियों का खुद भी हिस्सा बन,तू शिलालेख सा स्वर्णिम किस्सा बन,तू चंडी बन तू दुर्गा बन,रावण का वध स्वयं करूँगी,कहने वाली सीता बन। लाख द्रोपदी लुटती जाए,चिथड़े काया की उड़ती जाए,अब ना कोई वृंदावन या वंशीवाला,यहाँ … Read more

दिल ने शोर मचाया है -हाशिम फिरोज़ाबादी

गीत /हासिम फिरोजाबादी सांसों ने आवाज़े दी हैं दिल ने शोर मचाया हैतुम आये तो यूँ लगता है चाँद ज़मी पर आया है तितली उड़ना भूल गयी फूल महकना भूल गयेडाली डाली पंछी चुप हैं आज चहकना भूल गयेकितने दिल उलझे हैं इसमें ऐसा जाल बिछाया है सोच रहा हूँ तुझसे मिलकर अपने दिल की … Read more

होली गीत : बिरज में पधारो -निधि चौधरी

बिरज में पधारो“”””””””””””””””””””””””””””ओ मेरे प्यारे मोहन,अबकी होंली रंगने तनमन,बिरज में पधारो।खूब हुआ व्याकुल ये मन,ले कर रंगों का चमनबिरज में पधारो। राधिका भी होगी तेरे ही श्याम रंग में,गोपियां भी तो नचेंगी अब तेरे ही संग में ।रंगों से रंगने सब के आंगन,बिरज में पधारो।ओ मेरे प्यारे मोहन,अबकी होंली रंगने तनमन,बिरज में पधारो। खूब उड़ेंगे … Read more

दर्पण को देखा तूने – इंदीवर

दर्पण को देखा तूने  जब जब किया श्रृंगार फूलों को देखा तूने।  जब जब आई बहार एक बदनसीब हूँ मैं  मुझे नहीं देखा एक बार सूरज की पहली किरनों को देखा तूने अलसाते हुए रातों में तारों को देखा सपनों में खो जाते हुए यूँ किसी न किसी बहाने। तूने देखा सब संसार काजल की … Read more

प्रिये तुम्हारी आँखों ने कल – गरिमा सक्सेना 

प्रिये तुम्हारी आँखों ने कल दिल का हर पन्ना खोला था दिल से दिल के संदेशे सब होठों से तुमने लौटाये प्रेम सिंधु में उठी लहर जोकब तक रोके से रुक पाये लेकिन मुझसे छिपा न पाये रंग प्यार ने जो घोला था उल्टी पुस्तक के पीछे से खेली लुका-छिपी आँखों ने पल में कई … Read more