राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष : प्रसिद्ध कवयित्री निधि चौधरी की ‘रावण का वध स्वयं करूंगी’ सहित तीन बेहतरीन रचनाएं पढ़े
(1) रावण का वध स्वयं करूँगी चलना सड़कों पर भी अब मुहाल हुआ,कुचले पुष्प सा तेरा हाल हुआ,खुद की खुशियों का खुद भी हिस्सा बन,तू शिलालेख सा स्वर्णिम किस्सा बन,तू चंडी बन तू दुर्गा बन,रावण का वध स्वयं करूँगी,कहने वाली सीता बन। लाख द्रोपदी लुटती जाए,चिथड़े काया की उड़ती जाए,अब ना कोई वृंदावन या वंशीवाला,यहाँ … Read more