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KishanganjNews: गलगलिया बाजार में सुलभ शौचालय नहीं होने से स्थानीय एवं नेपाली महिला ग्राहकों को होती है कठिनाई,निर्माण की मांग 

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किशनगंज /गलगलिया/दिलशाद 

वर्तमान पंचायती राज व्यवस्था के 20 वर्ष बाद भी गलगलिया मुख्य बाजार में शौचालय की व्यवस्था नहीं हो पाई है। मूलभूत सुविधाओं में मुख्य रूप से शौचालय से वंचित सीमावर्ती क्षेत्र स्थित गलगलिया बाजार अपनी दुर्दशा पर आँसु बह रहा है। वहीं पूरे पंचायत को ओ डी एफ घोषित किया जा चुका है।

 किंतु लोग अब भी खुले का उपयोग करने को विवश हैं, जिससे स्वच्छ भारत मिशन विफ़ल होता नजर आ रहा है। बताते चले कि भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में बसे गलगलिया का मुख्य बाजार काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। बाजार अंतर्गत विभिन्न प्रकार के करीब सैकड़ो दुकानें चला कर दुकानदार अपना भरण पोषण करते हैं और नेपाल तथा बंगाल से सटे होने के कारण बाजार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ प्रतिदिन हटिया लगती है।

 इसके मद्देनजर इस बाजार में सैकड़ों की संख्या में नेपाल तथा बंगाल के विभिन्न हिस्सों से लोग खरीददारी करने आते हैं। बेटी-रोटी के संबंध होने के कारण सीमावर्ती देश नेपाल के विभिन्न हिस्सों के ग्राहक विशेषकर महिला ग्राहक प्रतिदिन काफी अधिक संख्या में आया करती हैं। लेकिन शौचालय से वंचित इस गलगलिया बाजार में आकर वे कभी कभी असमंजस की स्थिति में फंस जाती हैं।

गलगलिया बाजार में दुकानदारी करने वाले व्यवसायी बबून शर्मा बताते हैं कि मेरी दुकान एवं घर बाजार में ही अवस्थित होने के कारण मुख्य बाजार में शौचालय का अभाव होने के पर बाजार आई कई नेपाली महिलाएं शौचालय के लिए अनुरोध करती हैं तो विवश होकर उन्हें अपना घर में बने निजी शौचालय के उपयोग की अनुमति देनी पड़ती है। साथ ही उन्होंने बताया कि इससे हमारे देश की छवि धूमिल होती लगती है ।

क्योंकि नेपाल के स्थानीय बाजार भद्रपुर में इस प्रकार की शौचालय संबंधी कोई समस्या नही है। वहीं व्यवसायी सूरज साव ने बताया कि हालांकि कुछ वर्ष पूर्व जन सहयोग के द्वारा बाजार में एक अस्थायी पुरुष यूरिनल का निर्माण  कराया गया है , लेकिन दरवाजा विहीन होने के कारण पुरूष तो खुले में पेशाब कर लेते हैं, लेकिन महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस संबंध में अन्य व्यवसायियों एवं स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि गलगलिया बाजार का अधिकांश हिस्सा रेलवे में पड़ता है। साथ ही उन्होंने बताया कि गलगलिया बाजार में रेलवे की जमीन में दर्जनों दुकानें बनी हुई है, जिनसे रेलवे को अच्छा खासा राजस्व भी मिलता है लेकिन रेलवे द्वारा भी एक भी न तो शौचालय बनवाई गई है।

 वहीं इस संबंध में कई बुद्धिजीवियों एवं स्थानीय दुकानदारों द्वारा  रेलवे अधिकारियों को उक्त सारी बातों से कई बार अवगत कराया जा चुका है। लेकिन अबतक इस समस्या के समाधान के लिए उचित कदम नहीं उठाई गई है।

KishanganjNews: गलगलिया बाजार में सुलभ शौचालय नहीं होने से स्थानीय एवं नेपाली महिला ग्राहकों को होती है कठिनाई,निर्माण की मांग 

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