शायरी :शानदार शायरी ,चुनिंदा शायरी पढ़े …….
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए – बशीर बद्र ——————————————— और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा -फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ ———————— रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर … Read more