किशनगंज /विजय कुमार साह
किशनगंज जिला परिषद भवन में शनिवार को आयोजित जिला समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में टेढ़ागाछ प्रखंड की विभिन्न ज्वलंत समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। बैठक की अध्यक्षता किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने की। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री डॉ. दिलीप जयसवाल, जिलाधिकारी विशाल राज सहित जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में टेढ़ागाछ प्रखंड प्रमुख उजाला परवीन ने अपने संबोधन के माध्यम से क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने किसानों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की उपज प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों—विशेषकर सुहिया, पुराना टेढ़ागाछ एवं आसपास के इलाकों—में कटाव रोधी कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हर वर्ष होने वाले नुकसान से ग्रामीणों को राहत मिल सके।
प्रखंड प्रमुख ने गर्ल्स हॉस्टल के सुचारू संचालन की मांग उठाते हुए कहा कि व्यवस्थाओं के अभाव में छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने ‘हर घर नल-जल योजना’ की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि कई पंचायतों में जलापूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने प्रखंड मुख्यालय की जमीन पर अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम की समस्या को भी गंभीर बताते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेढ़ागाछ में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।बैठक के उपरांत प्रखंड प्रमुख उजाला परवीन ने जिलाधिकारी विशाल राज को इन सभी मांगों से संबंधित एक लिखित ज्ञापन सौंपा और त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया। जिलाधिकारी ने सभी मामलों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
दिशा की बैठक में उठाए गए इन मुद्दों से स्पष्ट है कि टेढ़ागाछ प्रखंड की आधारभूत समस्याओं के समाधान की दिशा में जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं और प्रशासन से ठोस पहल की अपेक्षा की जा रही है।




























