कटिहार – राष्ट्रीय जूट विनिर्माण निगम वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की अधीनस्थ इकाई कटिहार जिला स्थित आरबीएचएम जूट मिल की विवादित भूमि को छोड़ जूट मिल की वास्तविक भूमि बियाडा को हस्तांतरित करने के लिए भारत सरकार से पत्राचार किया गया है। विधान पार्षद अशोक कुमार अग्रवाल द्वारा विधान सभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी गई|
विधान पार्षद ने सदन को बताया कि आरबीएचएम जूट मिल भारत सरकार का एक उपक्रम था जिसकी सारी मशीनें अब नीलम हो चुकी हैं। वर्त्तमान में मिल के अन्दर कोई सामान नहीं है। इस प्रश्न के जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि मशीन नीलामी तथा मिल में सामान के सम्बन्ध में राज्य सरकार को कोई सूचना नहीं है|
विधान पार्षद ने बताया कि जूट मिल की लगभग 55 एकड़ खाली पड़ी जमीन पर उद्योगों की स्थापना की जा सकती है जिससे कटिहार जिले की एक बड़ी आबादी को रोजगार का अवसर मिलेगा और बेरोजगारी दूर होगी। जूट मिल की खाली पड़ी जमीन पर उद्योगों की स्थापना कर कटिहार जिले को एकबार फिर से औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित किया जा सकता है|
विधान पार्षद ने पूछा कि जूट मिल की खाली पड़ी जमीन को बियाडा में शामिल करने को लेकर सरकार के पास कोई योजना है अथवा सरकार की कोई मंशा है। इस प्रश्न के जवाब में विभाग की ओर से सदन को बताया गया कि अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग के अर्द्ध सरकारी पत्र सं. 22/एसीएस दिनांक- 18.01.2024 द्वारा वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव को विवादित भूमि को छोड़कर वास्तविक भूमि को बियाडा को हस्तांतरित करने हेतु पत्राचार किया गया है| इस सम्बन्ध में वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार से सूचना अप्राप्त है|
रिपोर्ट:सतेंदु सुमन




























